कार्यक्रम

जानकीपुल महिला काव्य-गोष्ठी
09 फरवरी 2013, 2-3 पूर्वाह्न 
हॉल नम्बर 12, निकट गेट नंबर 07 

प्रगति मैदान, नई दिल्ली 


विश्व पुस्तक मेला के दौरान “जानकीपुल डॉट कॉम” और “नेशनल बुक ट्रस्ट” के तत्वाधान में आयोजित “महिला काव्य-गोष्ठी” में आप सादर आमंत्रित हैं। 

आमंत्रित महिला कवि : विपिन चौधरी, अलका सिन्हा, वाज़िदा ख़ान, लीना मल्होत्रा, उर्मिला शुक्ला, भाषा सिंह, शोभा सिंह, सुधा उपाध्याय, वंदना शर्मा, अंजू शर्मा, रजनी अनुरागी और डॉ. सुनिता


संचालन : त्रिपुरारि कुमार शर्मा 
:: कवि परिचय ::


विपिन चौधरी

जन्म: २ अप्रैल, १९७६
गाँव: खरकड़ी माखवान, जिलाभिवानी (हरियाणा) 
शिक्षा: बी.एस.सी, एम्.ए (लोक प्रकाशन) एम्.ए ( अंतररास्ट्रीय मानव अधिकार)
प्रकाशित कृतियाँ: अँधेरे के मध्य से‘ (२००८) एवं एक बार फिर‘ (२००८) कवितासंग्रह प्रकाशित एवं कहानी संग्रह ग्रे शेडप्रकाशनाधीन।
पुरस्कार/सम्मान: २००६ में हरियाणा साहित्य अकादेमी और प्रेरणा परिवार द्वारा प्रेरणा पुरुस्कार। २००८ में भारतीय भाषा परिषद् द्वारा प्रेरणा पुरूस्कार। २००८ में साहित्यिक अभिरुचियों के लिये उकलाना मंडी द्वारा सम्मानित। २००८ में हरियाणा साहित्यिक अकादेमी द्वारा आयोजित अंतररास्ट्रीय कवि सम्मेलन में शिरकत।  
सम्प्रति: मानव अधिकारों को समर्पित संस्था ( MASS ) का सञ्चालन  
संपर्क: मकान नंबर १००८, हाऊसिंग बोर्ड कालोनी, सेक्टर १५ ए, हिसार (हरियाणा), पिन: १२५००१
मेल: vipin.choudhary7@gmail.com
उर्मिला शुक्ल
जन्म: 20-09-1964, रायपुर (छत्तीसगढ़)
कृतियाँ: अपने अपने मोर्चे पर, गोदना के फूल (कहानी संग्रह)
इक्कीसवीं सदी के द्वार पर (कविता संग्रह), महाभारत में द्रोपदी (लम्बी कविता)
सभी पत्रपत्रिकाओं कहानियाँ, कवितायेँ, आलेख प्रकाशित। आकाशवाणी, दूरदर्शन से रचनाओं का प्रसारण।
अलका सिन्हा
हिंदी कविता और कहानियों के अलावा समीक्षात्मक निबंध लेखन और अनुवाद कर्म में भी महती उपलब्धि के साथ अलका सिन्हा का नाम एक उत्कृष्ट कार्यक्रम प्रस्तोता और उद्घोषिका के रूप में आकाशवाणी तथा दूरदर्शन में समादृत हैअपने बहुचर्चित कविता-संग्रहों काल की कोख से’, ‘मैं ही तो हूँ ये’, तेरी रोशनाई होना चाहती हूँ’ और कहानी-संग्रह सुरक्षित पंखों की उड़ान’ तथा मुझसे कैसा नेह’ से हिंदी साहित्य में प्रतिष्ठित श्रीमती सिन्हा को हिंदी अकादमीदिल्ली सरकार तथा देश की जानी-मानी साहित्यिक संस्था परम्परा’ सहित अनेक प्रमुख संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया गया है| इनके गुणवत्ता पूर्ण लेखन की बदौलत इनके कृतित्व पर एम. फिल. के लिये शोध संपन्न हुआ तथा फिलहाल पी. एच. डी. हेतु शोध जारी हैसंसदीय हिन्दी परिषद द्वारा संसद के केन्द्रीय कक्ष में राष्ट्रभाषा गौरव सम्मान प्राप्त इस रचनाकार ने देश-विदेश में अपने गरिमामय रचना पाठ और कुशल मंच-संचालन से अकूत लोकप्रियता अर्जित की है| तेरह वर्षों तक गणतंत्र-दिवस परेड का आँखों देखा हाल सुनाने का गौरव हासिल करने वाली यह लेखिका आवाज़ की दुनिया की भी सशक्त हस्ताक्षर हैं|

भाषा सिंह
युवा संस्कृतिकर्मी भाषा सिंह का जन्म 20 जून 1971को नई दिल्ली में हुआ और परवरिश व पढ़ाई-लिखाई लखनऊ में हुई। लखनऊ विश्वविद्यालय से एम.ए. और एल.एल.बी किया। पत्रकारिता के पेशे ने फिर से 1996में दिल्ली पहुंचा दिया। तब से दिल्ली में पत्रकारिता में सक्रिय। सबसे पहले अमर उजाला कारोबार, फिर अमर उजाला, नवभारत टाइम्स, आउटलुक साप्ताहिक नई दुनिया और फिर आउटलुक तक का सफर। सिर पर मैला ढोने की प्रथा और उत्तर भारत में किसानों की आत्महत्या पर विशेष काम। वर्ष 2005 में मैला ढोने की प्रथा पर काम करने के लिए प्रभा दत्त फैलोशिप मिली। मैला ढोने वाली महिलाओं, खास तौर पर कानपुर की बाल्टीवालियों पर हिंदी पत्रिका आउटलुक साप्ताहिक में की गई स्टोरी के लिए ही 2007 में वर्ष के सर्वश्रेष्ठ हिंदी पत्रकार का रामनाथ गोयनका पुरस्कार मिला। पैनोस से मैला ढोने वाली महिलाओं के स्वास्थ्य पर अध्ययन के लिए फैलोशिप मिली। नेशनल फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एनएफआई) ने उत्तर भारत में किसानों की आत्महत्याओं पर अध्ययन के लिए फैलोशिप प्रदान की। पत्रकारिता में महिलाओं, पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यकों, मानवाधिकारों, परमाणु ऊर्जा, शिक्षा व पर्यावरण से जुड़े विषयों पर खास पहचान।
कहानी व कविता लेखन में लंबे समय से सक्रिय। कई पत्रिकाओं में प्रकाशित, कुछ का पाठ।
पुस्तकःअृश्य भारत, पेंग्विंन से प्रकाशित
संप्रतिःआउटलुक हिंदी में सहायक संपादक
संपर्कः55 सी, पॉकेट 4, मयूर विहार, फेस 1, दिल्ली- 110091, फोन- 9818755922

शोभा सिंह
कवि और संस्कृतिकर्मी। जन्म 9 जून 1952-इलाहाबाद। पढ़ाई-लिखाई इलाहाबाद और दिल्ली में। कविताएं-वागर्थ, समकालीन जनमत, हिंदी आउटलुक, पक्षधर, लमही, कल के लिए, आजकल, आधी जमीन, तीसरी दुनिया, जनसत्ता, प्रभात खबर, आदि में प्रकाशित। जन संस्कृति मंच और भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (एपवा) से जुड़ाव।
पताः3/28, पत्रकारपुरम, गोमती नगर, लखनई-226010 (उत्तर प्रदेश)
टेलीफोनः09335744400
डॉ सुधा उपाध्याय
डॉ सुधा उपाध्याय हिंदी की नवोदित लेखिकाओं में महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं। डॉ सुधा लेखिकाओं में अपनी अलग भाषा और अलग लेखन की वजह से जानी जाती हैं। कविताओं में वो जितनी राजनीतिक समझ रखती हैं आलोचनाओं में कृति के सौंदर्य बोध और उसके तलीय स्वर को पकड़ने का साहस करती हैं। एक शिक्षक होने के नाते समाज के हर उस शख्स के लिए वो आवाज़ उठाती तो शिक्षा से वंचित रह जा रहा है। कविता, कहानी, लेख और आलोचना में इसकी झलक साफ नज़र भी आती है। यही वजह है कि इनकी कविताओं का प्रसारण आकाशवाणी और दूरदर्शन से हो चुका है। हिंदी अकादमी से पुरस्कृत और राधाकृष्ण प्रकाशन से कविता संग्रह बोलती चुप्पीप्रकाशित हो चुकी है। इसके अलावा हिन्दी की चर्चित कवयित्रियांऔर स्त्री होकर सवाल करती होदो  प्रमुख संकलनों में इनकी कविताएं संकलित हैं। अभी हाल में इन्होंने उदयप्रकाश के साहित्यिक सृजन पर विशेषांक का सहसंपादन किया है। विश्वविद्यालयी स्तर पर कई पुरस्कारों से इन्हें सम्मानित किया जा चुका है। अनके गोष्ठियों, परिचर्चाओं और वाद-विवाद में सक्रिय भागीदारी रही है। समसमयिक साहित्यिक पत्रिकाओं में लगातार इनकी रचनाएं प्रकाशित होती रही हैं। इनमें प्रमुख हैं- समकालीन भारतीय साहित्य, शुक्रवार, पाखी, कथाक्रम, साक्षात्कार, अक्षरम संगोष्ठी, सामयिक मीमांसा, समसामयिक सृजन, व्यंग्य यात्रा इत्यादि। इसके अलावा इनकी रचनाएं उत्तर पूर्व से निकलने वाले अखबार सेंटिनल दैनिकऔर बंगाल से निकलने वाले अखबार सन्मार्गमें भी कहानियां और कविताएं प्रकाशित हो चुकी है। अखबार जनमतमें प्रकाशित कविताएं काफी सराही गई। अभी हाल ही में दिल्ली स्टडी ग्रुप द्वारा आयोजित महिला अपराध और बेटी बचाओ कार्यक्रम में पैनलिस्ट के तौर पर वक्तव्य और कविता पाठ किया।    
सम्प्रति: वरिष्ठ प्रवक्ता, हिंदी विभाग,जानकी देवी मेमोरियल कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय
मोबाइल # 9971816506, ई-मेल: sudhaupadhyaya@gmail.com  
वंदना शर्मा
स्त्री विमर्श के रिरियाते युगीन मुहावरे के बरक्स वंदना शर्मा की कविताएँ विभिन्न विषयों पर तीखे सवाल खड़े करती स्त्री की कविताएँ हैं। संघर्ष का आह्वान करती ये कविताएँ स्त्री समस्याओं तक सीमित न होकर समाज की वृहत्तर चिंताओं पर फिक्रमंद कविताएँ हैं। विषयगत विविधता के कारण अलग पहचान बनाती ये कविताएँ पक्षधर, कथाक्रम, पाखी, परिकथा, संवदिया, भास्कर आदि अनेक पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुईं हैं। फिलहाल मेरठ यूनिवर्सिटी से संबद्ध महाविद्यालय में कार्यरत हैं।
रजनी अनुरागी 
जन्म-29 अक्तूबर 1972
शिक्षा तथा कार्यक्षेत्र– दिल्ली वि. से पीएच.डी. 1994 से 2001 तक दिल्ली सरकार के विद्यालयों में अध्यापन
2001 से दिल्ली विश्वविद्यालय के जानकी देवी मेमोरियल महाविद्यालय में अध्यापन
प्रकाशित पुस्तकें-बिना किसी भूमिका के (2011) कविता संग्रह
वर्जनाओं के पर खिलता फूल: कृष्णा सोबती का रचना संसार (2012) आलोचनात्मक पुस्तक
समकालीन भारतीय दलित महिला लेखन 2011 का रजनी तिलक के साथ संपादन 
विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में यथा अपेक्षा, अनभय सांचा, पब्लिक एजेंडा, देशज समकालीन, अनिश, वंचित जनता, श्रमिक दुनिया, आंदोलित, दलित वार्षिकी, बयान, हयाति, मगहर आदि में कविताएं तथा लेख प्रकाशित।
अंग्रेजी और गुजराती भाषा में कविताएं अनूदित। दूरदर्शन और आकाशवाणी से कविताएं प्रसारित। राष्द्रीय-अंतरराष्द्रीय सेमिनारों में पेपर प्रस्तुत। सम्मान-दिलीप अश्क स्मृति सम्मान 2011. शीला सिद्धांतकर स्मृति सम्मान 2011 
व्यापक मानवीय सरोकार कविताओं की कंेद्रिय भावभूमि हैं, सहज भाषा में गहन अभिव्यक्ति और स्पष्ट वैचारिकी काव्य व्यक्तित्व की विशेषताएं।

डॉ. सुनीता
शिक्षा से कोसों दूर, वंचित परिस्थितियों में, नक्सलियों के साये में जीते हुए 12 जुलाई 1982 को चंदौली जिले के छोटे से कस्बेर चकियाँ के पास दिरेहूँ में जन्मीं डॉक्टिर सुनीता ने स्वातंत्र्योत्तर हिन्दी पत्रकारिता : स्वरूप एवं प्रतिमान विषय पर बी.एच.यू.से पी-एच.डी.,नेट,बी.एड.की है.अब तक अमर उजाला, मीडिया-विमर्श, मेट्रो उजाला, विंध्य प्रभा, मीडिया खबर, आजमगढ़ लाइव, समभाष्य, हिंदोस्थान, मनमीत, परमीता, काशिका, अनुकृति, अनुशीलन, शीतलवाणी, लोकजंग, नव्या आदि में रचनाएँ, लेखकहानी, कवितायें प्रकाशित हो चुके हैं. तनिष्क प्रकाशन से निकली पुस्तक विकास और मुद्देमें महिला,मीडिया और ब्लॉगविषय पर शोधपत्र प्रकाशित हुआ.राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सेमिनार/संगोष्ठी में शोधपत्र प्रेषित.
आकाशवाणी वाराणसी में काव्य वाचन| समय-समय पर अकादमिक शिक्षण के दौरान कई बार पुरस्कृत.
तमाम पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशनाधीन हैं. पेशे से हिंदी में सहायक प्रोफ़ेसर,नई दिल्ली.
अंजू शर्मा
जन्म26/12/1970
फ़ोन09873893119
ईमेलanjuvsharma2011@gmail.com  
परिचय: कवयित्रीलेखिकासांस्कृतिक रिपोर्टर और सह-आयोजिका के रूप में पहचान।
प्रकाशन: शुक्रवार साहित्यिक वार्षिकीजनसंदेश टाइम्स (लखनऊ)डेली न्यूज़ एक्टिविस्ट (लखनऊ)नयी दुनिया (जबलपुर),
शोधदिशाकृत्याऋचा साहित्यिक पत्रिका (डालमिया ग्रुप)शब्दशिल्पी (सतना)सरिता (दिल्ली प्रेस)द फैक्ट ऑफ़ टुडेजनसत्ता आदि पत्र-पत्रिकाओं में कवितायेँलेख नियमित प्रकाशित!
नयी-पुरानी हलचलयुगज़मानाहस्तक्षेप डाट कॉमखरीन्यूज़ डाट कॉमअपनी माटी डाट कॉम आदि इ-पत्रिकाओं पर कविताओंलेखों एवं रिपोर्ट का प्रकाशन।
जानकीपुलअसुविधासमालोचनपहली बारउदाहरणवाटिका जैसे अग्रणी एवं प्रतिष्ठित ब्लोग्स पर कविताओं और लेखों का प्रकाशन।
बोधि प्रकाशन से प्रकाशित “स्त्री होकर सवाल करती है” (काव्य संकलन) में कवितायेँ सम्मिलित। बोधि प्रकाशन से शीघ्र प्रकाश्य संकलन “लिखनी ही होगी एक कविता” में कवितायेँ सम्मिलित।
काव्य गोष्ठियां एवं अन्य गतिविधियाँ:
1.दिल्ली में जागरूक एवं स्त्री-मुक्ति की कविताओं के लिए चर्चित नाम। देशदुनिया और समाज से जुडी कुरीतियों और महत्वपूर्ण घटनाओं पर नियमित लेखन।
2. अकादमी ऑफ़ फाइन आर्ट्स एंड लिटरेचर के कार्यक्रम डायलाग‘ से सक्रिय जुडाव।
3.  कवियों की 25 साल से स्थापित संस्था लिखावट‘ से  सक्रिय जुडाव।
4.  ‘कैम्पस में कविता‘ कार्यक्रम में देशबंधु कॉलेजराजधानी कॉलेजकिरोरिमल कॉलेजखालसा कॉलेजसेंट स्टीफेंस सहित दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों में सफल कविता-पाठ के कार्यक्रम!

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