Tag: लक्की कुमार मिश्रा

  • जीवन वही है जो जीने और रोने दोनों के लिए पर्याप्त है।

    जीवन वही है जो जीने और रोने दोनों के लिए पर्याप्त है।

    दिल्ली विश्वविद्यालय के शोधार्थी लक्की कुमार मिश्रा ने बहुत अच्छा लेख लिखा है। एलियनेशन पर लिखा यह लेख हम सबको पढ़ना चाहिए। जेन जी को समझने में मदद मिलेगी- मॉडरेटर  ===============                तुम्हें लिखते हुए मेरी दोस्त, कैसी हो? उम्मीद करता हूँ कि तुम अभी इस दुनिया की क्रूरता…

  • लोकतंत्र, भाषा और डेमोगॉगस

    दिल्ली विश्वविद्यालय के शोधार्थी लक्की कुमार मिश्रा लोकतंत्र, भाषा, व्यवहार को लेकर एक बहुत ज्ञानवर्धक लेख लिखा है। पढ़ना चाहिए- मॉडरेटर ============================ कहा जाता है कि लोकतंत्र की शुरुआत यूनान के शहर एथेंस से हुई और इसका जनक एथेंस के राजा क्लिस्थेनेस (Cleisthenes) को माना जाता है। वह क्लिस्थेनेस ही थे जिन्होंने जनता की सहभागिता…