गोंधल: भक्ति, संगीत और किस्सागोई की परंपरा

इस बार ऑस्कर पुरस्कारों के लिए भारत से आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में मराठी फ़िल्म गोंधल का चयन हुआ है।…

‘चल रे चल रे वाले’ की भाषा सराइकी के बारे में

पिछले दिनों एक गीत बड़ा वायरल हुआ। सॉरी! सॉरी! गीत नहीं लोकगीत। शानजे सियाल नामक गायिका गा रही थीं और…

भगवानदास मोरवाल की कविताएँ

आजकल जिस भगवानदास मोरवाल को हम हिन्दी के प्रमुख उपन्यासकारों में एक मानते हैं उनसे मेरा पहला परिचय कवि के…

21वीं सदी में तकनीक और नैतिकता: सर सैयद का दृष्टिकोण

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय द्वारा प्रतिवर्ष सर सैयद डे के उपलक्ष्य पर हिंदी, उर्दू और अंग्रेज़ी भाषा में अखिल भारतीय निबंध…

भाखै अकथ कथा बिरतांत-3- मृणाल पाण्डे की आत्मकहानी

वरिष्ठ लेखिका मृणाल पाण्डे जानकी पुल पर अपनी आत्मकहानी धारावाहिक लिख रही हैं- ‘भाखै अकथ कथा बिरतांत’। आज उसकी तीसरी…

गालीशिया में धारासार बारिश: गाब्रियेल गार्सीया मार्केस

जादुई यथार्थ को लातिनी अमेरिका के समाज, संस्कृति और परंपरा से निकालकर वैश्विक पहचान दिलाने वाले  महान कथाकार गाब्रियेल गार्सीया…

बिखरता समाज और ‘अंतिम आश्रय’ 

इस साल एक ऐसा उपन्यास आया जिसको पढ़कर मैं बहुत बेचैन हो गया। उपन्यास है त्रिपुरारि शरण का ‘अंतिम आश्रय’…

रामकुमार जी: कुछ देखा, कुछ जिया

आज भारतीय चित्रकला की महान विभूति रामकुमार की जयंती है। उनको याद करते हुए यह टिप्पणी लिखी है संजीव कुमार…

ऋतुओं का महाद्वीप : भारत के छह मौसम और महाद्वीप की सांस्कृतिक स्मृति

दो दिन पहले मैंने एक्स(ट्विटर) पर शरद ऋतु पर लिखा तो वरिष्ठ लेखक-पत्रकार त्रिभुवन जी ने लिखा कि आज से…

कौन सुने अब अकथ कहानी: अभिषेक कुमार अम्बर

किसी लेखक को उसके लेखन में आये संदर्भों-प्रतीकों के माध्यम से जानने का रोमांच अलग ही होता है। लेकिन यह…

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