अचीन्हे विषयों से पहचान कराती कविताएँJune 6, 2026June 6, 20261 mins0अमेय कान्त के हालिया प्रकाशित काव्य-संग्रह ‘किसी छूटे हुए दिन में’ पर यह टिप्पणी लिखी है वरिष्ठ…समीक्षा prabhatcontinue Reading..
सर्जनात्मक शिक्षा: समय की माँगJune 2, 20261 mins0सृजनशीलता मानवीय व्यक्तित्व का सर्वोच्च और मूलभूत क्षमता है, जो व्यक्ति को जीवन एवं जगत् के बहुआयामी…समीक्षा prabhatcontinue Reading..
लुगदी रसोई: हिंदी में जर्मन क्राइम-फ़िक्शनMay 27, 20261 mins0जर्मनी के क्राइम फ़िक्शन की किताब आई है ‘लुगदी रसोई’। मूल जर्मन भाषा से अनूदित और वाणी…समीक्षा prabhatcontinue Reading..
ज़ालिम को जो न रोके वो शामिल है ज़ुल्म मेंMay 20, 2026May 21, 20261 mins0‘एक और द्रोणाचार्य’ (1977) शंकर शेष के इस नाटक की अंजलि नैलवाल ने बेहतरीन समीक्षा लिखी है।…समीक्षा prabhatcontinue Reading..
जूठी गली- जहाँ न रातें बीत रही थीं न सुबह हो रही थीMay 11, 2026May 11, 20261 mins0वरिष्ठ लेखक हृषीकेश सुलभ का नया उपन्यास ‘जूठी गली’ जब से प्रकाशित हुआ है इसकी लगातार चर्चा…समीक्षा prabhatcontinue Reading..
स्मृतियाँ जहाँ समकालीन हैंMay 3, 2026May 4, 20261 mins0श्रीधर करुणानिधि का हाल ही में तीसरा काव्य-संग्रह प्रकाशित हुआ है ‘दिन की परछाँई धुंधली है’। जानकीपुल…समीक्षा prabhatcontinue Reading..
मिट्टी की महक और बारूद की गंध का संगमApril 30, 2026May 2, 20261 mins0हिंदी भाषा और नागरी लिपि के सतत उत्थान और प्रचार-प्रसार पर एकाग्र भारत की सबसे पुरानी संस्थाओं…समीक्षा prabhatcontinue Reading..
धुंधले साये में भी उजाले की उम्मीदApril 29, 2026April 29, 20261 mins0हाल में ही युवा कवि-लेखक श्रीधर करुणानिधि का कविता संग्रह प्रकाशित हुआ है ‘दिन की परछाँई धुंधली…समीक्षा prabhatcontinue Reading..
जेरी पिंटो का उपन्यास और मानसिक स्वास्थ्यApril 22, 20261 mins0अंग्रेज़ी के प्रसिद्ध लेखक जेरी पिंटो बहुत अलग अलग तरह के विषयों पर लिखने के लिये जाने…समीक्षा prabhatcontinue Reading..
प्रेम में खामोशी ही अभिव्यक्तिApril 17, 2026April 18, 20261 mins0रंजिता सिंह फ़लक के काव्य संग्रह ‘चुप्पी प्रेम की भाषा है’ की कुछ कविताएँ हमने थोड़े समय…समीक्षा prabhatcontinue Reading..