आचार संहिताओं का मूल्यांकन करती कविताएँ: हज़ारों निशानJune 16, 2026June 16, 20261 mins0पिछले जून जानकीपुल पर शिवांगी गोयल की कुछ कविताएँ प्रकाशित हुई थीं। और ठीक एक साल बाद…समीक्षा prabhatcontinue Reading..
‘विचार और वजूद’ लोक की जड़ों में रोपी गई जमीन की हकीकतJune 15, 20261 mins0प्रसिद्ध लेखिका नूर ज़हीर के 2008 में प्रकाशित उपन्यास ‘बड़ उरैये’ के बहाने वैचारिकता के संघर्ष पर…समीक्षा prabhatcontinue Reading..
एक पोटली में कितने दानेJune 12, 2026June 13, 20261 mins0 हाल ही में आलोक कुमार मिश्र का कविता-संग्रह ‘पोटली के दाने’ प्रकाशित हुआ है। आज इस…Blog prabhatcontinue Reading..
अभय के का ‘नालंदा’June 11, 20261 mins0प्रसिद्ध लेखक और राजनयिक अभय के की किताब ‘नालंदा: विश्व चेतना का उद्गम स्थल’ नालंदा को लेकर…समीक्षा prabhatcontinue Reading..
अचीन्हे विषयों से पहचान कराती कविताएँJune 6, 2026June 6, 20261 mins0अमेय कान्त के हालिया प्रकाशित काव्य-संग्रह ‘किसी छूटे हुए दिन में’ पर यह टिप्पणी लिखी है वरिष्ठ…समीक्षा prabhatcontinue Reading..
सर्जनात्मक शिक्षा: समय की माँगJune 2, 20261 mins0सृजनशीलता मानवीय व्यक्तित्व का सर्वोच्च और मूलभूत क्षमता है, जो व्यक्ति को जीवन एवं जगत् के बहुआयामी…समीक्षा prabhatcontinue Reading..
लुगदी रसोई: हिंदी में जर्मन क्राइम-फ़िक्शनMay 27, 20261 mins0जर्मनी के क्राइम फ़िक्शन की किताब आई है ‘लुगदी रसोई’। मूल जर्मन भाषा से अनूदित और वाणी…समीक्षा prabhatcontinue Reading..
ज़ालिम को जो न रोके वो शामिल है ज़ुल्म मेंMay 20, 2026May 21, 20261 mins0‘एक और द्रोणाचार्य’ (1977) शंकर शेष के इस नाटक की अंजलि नैलवाल ने बेहतरीन समीक्षा लिखी है।…समीक्षा prabhatcontinue Reading..
जूठी गली- जहाँ न रातें बीत रही थीं न सुबह हो रही थीMay 11, 2026May 11, 20261 mins0वरिष्ठ लेखक हृषीकेश सुलभ का नया उपन्यास ‘जूठी गली’ जब से प्रकाशित हुआ है इसकी लगातार चर्चा…समीक्षा prabhatcontinue Reading..
स्मृतियाँ जहाँ समकालीन हैंMay 3, 2026May 4, 20261 mins0श्रीधर करुणानिधि का हाल ही में तीसरा काव्य-संग्रह प्रकाशित हुआ है ‘दिन की परछाँई धुंधली है’। जानकीपुल…समीक्षा prabhatcontinue Reading..