इस साल प्रसिद्ध लेखिका अलका सरावगी का उपन्यास आया है ‘कलकत्ता कॉस्मोपॉलिटन: दिल और दरारें’। अलका जी के उपन्यासों में…
Category: समीक्षा
छानी-खरीकों में: यात्रा की संस्कृति संस्कृति की यात्रा
‘अस्कोट-आराकोट अभियान’ एक ऐसी यात्रा है जो हर दस साल बाद आयोजित की जाती है और जिसका उद्देश्य उत्तराखंड…
मछली मरी हुई से The Dead Fish तक
1960 के दशक में राजकमल चौधरी का उपन्यास मछली मरी हुई प्रकाशित हुआ था। अपने समय से बहुत आगे का उपन्यास…
पहाड़ का काव्यात्मक आख्यान: रिक्तियों में पहाड़
हाल ही में अशोक कुमार का काव्य संग्रह ‘रिक्तियों में पहाड़’ प्रकाशित हुआ है। इस किताब से हमारा त’आरूफ़ करा…
बैचलर्स किचन: व्यंजन की नहीं, अनुपस्थिति की किताब
हाल में मीडिया विशेषज्ञ विनीत कुमार की किताब आई है ‘बैचलर्स किचन: अपना स्वाद, अपना अन्दाज़’। अपने ढंग की अकेली…
दूर देश के परिंदे: उजड़ने और बसने के बीच की करुणा का कथानक
अनामिका का उपन्यास ‘दूर देश के परिंदे’ जैसे आजादी के आसपास के भारत में चलने वाले विमर्शों की कथा है।…
आप हीलिंग फ़िक्शन के बारे में क्या जानते हैं?
आजकल ‘बिबलियो फ़ार्मेसी’ और ‘पोएट्री फ़ार्मेसी’ की चर्चा है। एक जापानी उपन्यास ‘मोरीसाकी बुकशॉप के ख़ुशनुमा दिन‘ के बारे में…
यतीन्द्र मिश्र की किताब ‘नैनन में आन-बान’ पर
भारतीय संगीत परंपरा पर यतीन्द्र मिश्र की किताब आई है ‘नैनन में आन-बान’, जिसके ऊपर मेरी यह टिप्पणी पढ़िए- प्रभात…
दु:स्वप्नों के दिलचस्प और मानीखेज़ किस्से : उदय प्रकाश
इस साल पुस्तक मेले में अनेक किताबें आईं, लेकिन एक किताब मेरे लिये ख़ास है- संजय छेल का कहानी संग्रह…
मौलाना की पारंपरिक छवि ध्वस्त करता ‘रूमी: एक आईना-सी ज़िंदगी’
बांग्ला भाषा के प्रसिद्ध लेखक रबिशंकर बल के उपन्यास का हिन्दी अनुवाद आया है-‘रूमी: एक आईना-सी ज़िंदगी’। अमृता बेरा द्वारा…



