हमारे शायर लेखक और महकमा-ए-पुलिस के अधिकारी सुहैब अहमद फ़ारूक़ी सत्तावन साल के हो गये हैं। इस बात का क़बूलनामा…
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हिन्दी दिवस और जेन ज़ी
हिन्दी दिवस के अवसर पर पढ़िए जेन ज़ी और हिन्दी दिवस के बारे में। लिखा है युवा शोधार्थी और लेखक…
‘सम्पा’ पर यतीश कुमार की काव्यात्मक टिप्पणी
संजीव पालीवाल और मीनाक्षी चौधरी की लिखी किताब आई है ‘सम्पा’। वेस्टलैंड से प्रकाशित इसी किताब पर अपनी विशेष काव्यात्मक…
भारतीय ज्ञान परम्परा – एक विहङ्गम दृष्टि
इस साल उन्मोचन शृंखला की पाँच पुस्तकों का प्रकाशन हुआ है। वाणी प्रकाशन से प्रकाशित इन पुस्तकों में से भारत…
पंकज सुबीर की कहानी ‘मौसम बेचने वाला’
जब सरकारी नौकरी में किसी की पोस्टिंग शहर से दूरी शहरी सुविधाओं के अभाव वाले इलाक़े में हो जाती है…
रेवा अमरकंटक वाली तुम हो भोली भाली
युवा लेखिका प्रियंका नारायण नदियों पर, ऐतिहासिक स्थलों पर बहुत डूबकर लिखती हैं। उनका यह लेख माहेश्वर और नर्मदा पर…
एक पोटली में कितने दाने
हाल ही में आलोक कुमार मिश्र का कविता-संग्रह ‘पोटली के दाने’ प्रकाशित हुआ है। आज इस संग्रह की चर्चा…
पानी की स्मृति और भविष्य की प्यास : कुमारी रोहिणी
फणीश्वरनाथ रेणु जब 'मैला आंचल' या अपनी कहानियों में पूर्णिया के आंचलिक जल-संसार को रचते हैं, तो कोसी और उसकी…
आलोचना और बेबाकपन का रिश्ता
वेंकटेश कुमार की किताब ‘आलोचना के विविध रंग’ पर यह टिप्पणी पढ़िए। लिखा है अनुरंजनी ने। अनुरंजनी दक्षिण बिहार केन्द्रीय…
उपन्यासकार संतोष दीक्षित से चन्द्रबिंद की बातचीत
वरिष्ठ लेखक संतोष दीक्षित से बातचीत प्रस्तुत है। बातचीत की है युवा कवि-आलोचक चन्द्रबिंद ने। आप भी पढ़ सकते हैं।…



