ईरानी सिनेमा : कविता, प्रतिरोध और मानवीय सत्य की कला

आज पढ़िए ईरान की सिनेमा परंपरा और वहाँ के कुछ विश्व प्रसिद्ध फ़िल्मकार एवं उनकी फ़िल्मों पर यह लेख। लिखा…

इतिहास, स्मृति और लेखकीय संवेदना का संतुलन: ‘इतिहास की थाली’

हाल में ही पेंगुइन स्वदेश से प्रकाशित पुस्तक ‘इतिहास की थाली’ प्रकाशित हुई है। लेखक अनिमेष मुखर्जी की यह किताब…

अस्सी: सांख्यिकी के शोर में सिसकती न्याय की पुकार

हाल में ही अनुभव सिन्हा की फ़िल्म आई है ‘अस्सी’। इस फ़िल्म पर यह टिप्पणी लिखी है मनीष चौरसिया ने।…

कोहरा 2 हमें उत्तेजित नहीं करता, हमें असहज करता है

आज पढ़िए वेब सीरिज़ कोहरा सीजन 2 पर प्रसिद्ध संस्कृतिकर्मी वाणी त्रिपाठी की यह टिप्पणी- मॉडरेटर  ============================ पंजाब की सर्द…

इरशाद ख़ान सिकंदर के कहानी संग्रह पर अशोक कुमार पांडेय

इरशाद ख़ान सिकंदर का पहला कहानी संग्रह ‘सिलवटों भरी रूह’ का प्रकाशन उनके निधन के बाद प्रकाशित हुआ। यह सोचकर…

‘क़यास’ को अनुवाद में पढ़ते हुए

कुछ महीने पहले प्रसिद्ध कवि-लेखक-चिंतक उदयन वाजपेयी के उपन्यास ‘क़यास’ का अंग्रेज़ी अनुवाद प्रकाशित हुआ है। ब्लूम्सबेरी से इसका अंग्रेज़ी…

प्रिंस कुमार की कविताएँ

मानव सभ्यता के विकास ने मानव जीवन को ही कितना चुनौतीपूर्ण बना दिया है इसकी सटीक अभिव्यक्ति प्रिंस कुमार की…

सुजाता के उपन्यास ‘दरयागंज वाया बाज़ार फ़त्ते ख़ाँ’  से एक अंश

  आज पढ़िए जानी मानी लेखिका सुजाता के उपन्यास ‘दरयागंज वाया बाज़ार फत्ते खाँ’ का एक रोचक अंश। राजकमल से…

फ़ालतू तो दूर मुझ में तो बेफ़ालतू भी अक़्ल नहीं!

पुलिस अफ़सर शायर सुहैब अहमद फ़ारूक़ी ने लल्लनटॉप पर ईश्वर को लेकर चली बहस की पृष्ठभूमि में यह टीप लिखी…

आपने ‘द फ़ैमिली मैन’  का तीसरा सीजन देखा है?

मनोज वाजपेयी अभिनीत ‘द फ़ैमिली मैन‘, सीजन 3 पर यह टिप्पणी लिखी है युवा लेखक मुशर्रफ परवेज़ ने। आप भी…

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Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी