आज पढ़िए अमरकान्त की कहानी ‘हत्यारे’। यह कहानी 1960 के दशक में लिखी गई है और युवाओं के मोहभंग से…
अनुकृति उपाध्याय की कहानी ‘पचास-बावन की औरतें’
अनुकृति उपाध्याय ने हिन्दी कहानी में अपनी विशिष्ट जगह बनाई है। कहानियों की भाषा, विषयवस्तु सबसे में एकदम अलग। जैसे…
हाइफ़न: भारतीय भाषाओं के साहित्य के आपसी संवाद का मंच
इतवार के इंडियन एक्सप्रेस में पारोमिता चक्रवर्ती के साथ कन्नड़ के लेखक विवेक शानभाग की बातचीत पढ़ी। विवेक समकालीन भारतीय…
महेश कुमार की कहानी ‘पहचान’
पहचान के जो मायने स्त्रियों के लिए हैं क्या पुरुषों के लिए भी वही हैं? निश्चित ही नहीं। पुरुषों के…
सुबी ताबा से आशुतोष कुमार ठाकुर की बातचीत
आज पढ़िए अरुणाचल की लेखिका सुबी ताबा से बातचीत। सुबी का कहानी संग्रह ‘Tales from the Dawn-Lit Mountains’ मैंने जाने-माने लिटरेरी…
प्रज्ञा विश्नोई की कहानी ‘प्रेम त्रिकोण’
बिल्डिंग से बाहर निकलते ही मानसी को हसास हुआ कि ट्रेनिंग के पहले सेशन की जगह मनु को खोजने का…
क्या प्रकृति को भी पितृसत्ता से आज़ादी चाहिए?
यह लेख प्रकृति और मनुष्य के रिश्ते को स्त्रीवाद के नज़रिए से देखती है। इको फेमिनिज्म पर कुमारी रोहिणी का…
पहली मंज़िल का वह किताबों वाला कमरा
आज पढ़िए अनामिका अनु का लिखा यह ललित गद्य जिसमें बात घर में एक लड़की के कमरे से शुरू होती…
स्याह पन्ने सफ़ेद किताब
आज प्रस्तुत है मनप्रीत कौर मखीजा की कहानी ‘स्याह पन्ने सफ़ेद किताब’। विभाजन, दंगे, विस्थापन यह सब कुछ ऐसा है…
जब पहाड़ रोते हैं तो मैदान भीगते हैं
नेपाल में आई भयंक बाढ़ को लेकर लिखी यह एक लेखक की डायरी है। एक ऐसे लेखक की जो भारत-नेपाल…



