स्थानीय भाषाओं का अस्मिताबोध और हिंदीSeptember 13, 2017February 19, 20181 mins12कल हिंदी दिवस है. आह हिंदी वाह हिंदी के बीच एक लेख भाषा-बोली के अंतर्संबंध पर वरिष्ठ… continue Reading..
युवा शायर #21 सिराज फ़ैसल ख़ान की ग़ज़लेंSeptember 12, 2017February 19, 20181 mins139युवा शायर सीरीज में आज पेश है सिराज फ़ैसल ख़ान की ग़ज़लें – त्रिपुरारि ====================================================== ग़ज़ल-1 हमीं… admin_46e92381continue Reading..
‘छबीला रंगबाज का शहर’ की एक कहानी: एक अंशSeptember 10, 2017February 19, 20181 mins17‘छबीला रंगबाज का शहर’ नाम ने मुझे बहुत आकर्षित किया. आज के दौर में जिस तरह से… continue Reading..
बाढ़ से पहले की कहानी बाढ़ के बाद की कहानीSeptember 9, 2017August 21, 20201 mins31आजकल हिंदी में बेस्टसेलर की चर्चा के बीच अपमार्केट हिंदी लेखकों की धूम मची हुई. इसका मतलब… continue Reading..
सुशील कुमार भारद्वाज की कहानी ‘जनेऊ’September 8, 2017February 19, 20181 mins5 सुशील कुमार भारद्वाज ने अपने लेखन से इधर ध्यान खींचा है. उनकी इस कहानी ने मेरा… continue Reading..
युवा शायर #20 शहबाज़ रिज़वी की ग़ज़लेंSeptember 6, 2017February 19, 20181 mins115युवा शायर सीरीज में आज पेश है शहबाज़ रिज़वी की ग़ज़लें – त्रिपुरारि ====================================================== ग़ज़ल-1 उदासी ने… admin_46e92381continue Reading..
आचार्य मृत्यु है। आचार्य वरुण है।September 5, 2017February 19, 20181 mins32आज शिक्षक दिवस है. इस अवसर पर युवा लेखक विमलेन्दु का लेख- मॉडरेटर ======================================== आचार्य मृत्यु है… continue Reading..
प्रियंका वाघेला की कुछ नई कविताएँSeptember 4, 2017February 19, 20181 mins336प्रियंका वाघेला, चित्रकार व लेखिका हैं, वे इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ से ग्राफिक्स में एम.एफ़ ए.… continue Reading..
फांकी युग है और सब फांकीबाज़ हैं!September 2, 2017August 17, 20201 mins3बहुत दिनों बाद प्रवीण झा अपने व्यंग्यावतार में प्रकट हुए हैं. इस बार एक नए युग की… continue Reading..
पाठ और पुनर्पाठ के बीच दो उपन्यासSeptember 1, 2017February 19, 20181 mins32आजकल सबसे अधिक हिंदी में समीक्षा विधा का ह्रास हुआ है. प्रशंसात्मक हों या आलोचनात्मक आजकल अच्छी… continue Reading..