इतिहास पृष्ठभूमि है तो साहित्य उस पर पड़ने वाला प्रकाश है- त्रिलोकनाथ पाण्डेयJanuary 9, 2019August 12, 20251 mins6 ‘प्रेम लहरी’ के लेखक त्रिलोकनाथ पाण्डेय से युवा लेखक पीयूष द्विवेदी की बातचीत पढ़िए. यह उपन्यास…Blog prabhatcontinue Reading..
सेक्स के कोरे चित्रण से कोई रचना इरोटिका नहीं हो जाती – संदीप नैयरDecember 24, 2018August 13, 20251 mins7 संदीप नैयर को मैंने पढ़ा नहीं है लेकिन फेसबुक पर उनकी सक्रियता से अच्छी तरह वाकिफ…Blog prabhatcontinue Reading..
भारत में शादी विषय पर 1500-2000 शब्दों में निबंध लिखेंDecember 15, 2018August 5, 20251 mins4 अभी दो दिन पहले नोएडा जाते वक्त जाम में फंस गया. कारण था शादियाँ ही शादियाँ.…Blog prabhatcontinue Reading..
तसनीम खान की कहानी ‘मेरे हिस्से की चांदनी’December 14, 2018August 5, 20251 mins6समकालीन युवा लेखन में तसनीम खान का नाम जाना-पहचाना है. उनकी नई कहानी पढ़िए- मॉडरेटर ============ आंगन…Blog prabhatcontinue Reading..
सो न सका कल याद तुम्हारी आई सारी रात, और पास ही बजी कहीं शहनाई सारी रातDecember 9, 2018August 6, 20251 mins2 कल एक पुस्तक मिली ‘कविता सदी‘. राजपाल एंड संज प्रकाशन से प्रकाशित इस संकलन के सम्पादक…Blog prabhatcontinue Reading..
ख़ुसरौ रैन सुहाग की जागी पी के संग, तन मेरो मन पियो को दूधिए एक रंग December 8, 2018August 12, 20251 mins3 जब इतिहास के किसी किरदार, किसी प्रसंग पर इतिहासकार लिखता है तो उससे विश्वसनीयता आती है…Blog prabhatcontinue Reading..
‘एक सेक्स मरीज़ का रोगनामचा: सेक्स ज़्यादा अश्लील है या कला जगत’ की समीक्षाDecember 5, 2018August 6, 20251 mins32 प्रसिद्ध कला एवं फिल्म समीक्षक विनोद भारद्वाज ने कला जगत को लेकर दो उपन्यास पहले लिखे…Blog prabhatcontinue Reading..
नामवर सिंह की नई किताब है ‘द्वाभा’November 27, 2018August 6, 20251 mins6 जीते जी किंवदंती बन चुके नामवर सिंह की नई किताब आ रही है ‘द्वाभा’. राजकमल प्रकाशन…Blog prabhatcontinue Reading..
रामचंद्र गुहा की पुस्तक ’गांधी: द इयर्स दैट चेंज्ड द वर्ल्ड’ की समीक्षाNovember 9, 2018July 25, 20251 mins413 हिंदी में पुस्तकों की अच्छी समीक्षाएं कम पढने को मिलती हैं. रामचंद्र गुहा द्वारा लिखी महात्मा…नाटक prabhatcontinue Reading..
मुसाफिर बैठा की कुछ कविताएँOctober 28, 2018August 4, 20251 mins197मुसाफिर बैठा अपनी कविताओं में खरी-खरी कहने में यकीन रखते हैं. कभी विष्णु खरे ने उनको भारत…Blog prabhatcontinue Reading..