जेड प्लस इंटेलेक्चुअल फिल्म नहीं, इंटेलिजेंट फिल्म है!December 1, 20141 mins4यह शाम की रिव्यू है. जो सुबह से थोड़ी अलग है और कुछ कुछ उस जैसी भी… continue Reading..
महाकरोड़ फिल्मों की बोरियत से निकलना है तो देखिए ‘जेड प्लस’December 1, 20141 mins9एक के बाद एक आती महाकरोड़ फ़िल्में मनोरंजन कम बोर अधिक करती हैं. ऐसे में ताजा हवा… continue Reading..
शीन काफ निजाम की ग़ज़लेंNovember 30, 20141 mins7लोकमत समाचार के वार्षिक आयोजन ‘दीप भव’ में वैसे तो सभी रचनाएँ अपने आप में ख़ास हैं.… continue Reading..
सिनेमा में करुण रस क्या होता है?November 28, 20142 mins214युवा लेखक प्रचण्ड प्रवीर इन दिनों रस सिद्धांत के आधार पर विश्व सिनेमा के अध्ययन में लगे… continue Reading..
प्रताप सोमवंशी की चार कविताएंNovember 27, 20141 mins11प्रताप सोमवंशी को हम सजग वरिष्ठ पत्रकार के रूप में अच्छी तरह जानते हैं. वे एक संवेदनशील… continue Reading..
मुम्बई, 26/11 और एक किताब ‘हेडली और मैं’November 26, 2014July 18, 20201 mins2आज 26 नवम्बर है. 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले के बाद से 26/11 को स्याह… continue Reading..
डीयू का बिहार कनेक्शन और अंग्रेजी उपन्यासNovember 24, 20141 mins4लोकप्रिय अंग्रेजी उपन्यासों का यह साल दिल्ली विश्वविद्यालय के नाम रहा. दिल्ली विश्वविद्यालय का बिहार कनेक्शन इस… continue Reading..
रणदीप और नंदना की अधिक रवि वर्मा की कम बनी ‘रंगरसिया’November 23, 20141 mins1100 करोड़ के टारगेट की वजह से आजकल ऐसी फ़िल्में कम आ पाती हैं जिनमें कंटेंट के… continue Reading..
क्या है जर्मन-संस्कृत विवाद?November 22, 20141 mins32केन्द्रीय सेवाओं में हिंदी के उचित महत्व के मुद्दे पर प्रेमपाल शर्मा के तर्कों के हम सब… continue Reading..
मनीषा पांडे की पांच कविताएंNovember 21, 20141 mins22कहते हैं कविता अभिव्यक्ति का विशुद्ध रूप होता है- भावना और बुद्धि के सबसे करीब. मनीषा पांडे… continue Reading..