वह उजली मीनार अब बस हमारी स्मृतियों में रह गई हैJune 22, 20141 mins169आर. अनुराधा की जिजीविषा, उनके जीवन संघर्ष को बड़ी आत्मीयता के साथ याद किया है प्रियदर्शन ने. आज… continue Reading..
प्रसिद्ध चित्रकार मनीष पुष्कले की पहली कहानी ‘वि-रक्त’June 21, 20141 mins143मनीष पुष्कले समकालीन चित्रकला का जाना-माना नाम है. चित्रकला में मनीष पुष्कले की मौलिकता ने दुनिया भर… continue Reading..
नदी कथा है आकाशगंगा कीJune 20, 20141 mins11उषा प्रियंवदा के उपन्यास ‘नदी’ पर एक संक्षिप्त और सम्यक टिप्पणी की है क्षमा त्रिपाठी ने. पढ़कर… continue Reading..
कवि-आलोचक होना जोखिम उठाना है- अशोक वाजपेयीJune 19, 20141 mins2अशोक वाजपेयी मूलतः कवि हैं लेकिन जितना व्यवस्थित गद्य-लेखन उन्होंने किया है उनके किसी समकालीन लेखक ने… continue Reading..
सिनेमा संगीत का जरूरी ‘हमसफ़र’June 18, 20141 mins7कई बार ऐसी ऐसी किताबों की इतनी इतनी चर्चा हो जाती है कि कारण समझ में नहीं… continue Reading..
लेखक का काम राजसत्ता को प्रश्नांकित करना है!June 17, 20141 mins7श्री उदयन वाजपेयी का लेख ‘जनसत्ता’ में 25 मई को प्रकाशित हुआ था- ‘शायद कुछ नया होने… continue Reading..
पीयूष मिश्रा के गीतों को पढ़ते हुएJune 16, 20141 mins8हाल में ही एक किताब आई है ‘मेरे मंच की सरगम’. इसमें वे गीत संकलित हैं जो… continue Reading..
कोई बहेलिया जाल फैलाता है, एक गंधर्व गाता हैJune 15, 20141 mins15आज सुबह ‘जनसत्ता’ में प्रियदर्शन की कविताएं पढ़ी. कुछ कविताएं ऐसी होती हैं जिनको पढने सुनने का… continue Reading..
दिलीप कुमार की अंग्रेजी और पेशावर में जश्नJune 13, 20141 mins6अभी 9 जून को हिंदी सिनेमा के महान अभिनेता दिलीप कुमार की आत्मकथा ‘The Substance And The… continue Reading..
‘बाघ’ कविता का एक पाठJune 12, 20145 mins38आम तौर पर शोध पत्र से मैं ‘जानकी पुल’ को बचाता आया हूँ. भारी-भरकम शोध निबंध से… continue Reading..