Posted in ब्लॉग जाल बहेलिया ही बिछा सकता है जानवर नहीं Estimated read time 1 min read Posted on July 19, 2013 by प्रियदर्शन की ये कविताएं प्रासंगिक भी हैं और बहुत कुछ सोचने को विवश भी करती हैं- ‘जानवरों से हमें माफ़ी…