यदि हमलोग इतने भी उदार होते कि ‘दूसरे’ धर्म की रीति अपनाने में कोई झिझक नहीं होती तब यह दुनिया…
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कोयल बिन बगिया ना सोहे राजा
शारदा सिन्हा को याद करते हुए यह परिचयात्मक लेख लिखा है पीयूष प्रिय ने – अनुरंजनी ================================== ‘कोयल बिन बगिया…
पात्र से एकालाप: रचना से गहरे जुड़ाव का द्योतक
यह किसी भी रचना की महत्ता होती है कि वह पाठक को कितने समय तक और किस तरह से अपने…
पाब्लो नेरुदा की कविता खुर्शीद अनवर का अनुवाद
खुर्शीद अनवर बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे. मौलिक दृष्टि रखने वाले साहसिक विद्वान. उन्होंने अंग्रेजी के माध्यम से विदेशी भाषा…
धूल फाँकती महाकवि की वीर-गाथाएँ
श्यामनारायण पांडे की पत्नी के साथ लेखक ‘वीर तुम बढे चलो’ और ‘हल्दी घाटी’ के कवि श्याम नारायण पांडे की…
आइन्स्टीन का पत्र फ्रायड के नाम
देश में चुनावी रैलियों और भाषणों का माहौल है। राजनीति को हम जिस प्रकार २१ वीं सदी के उत्तर आधुनिक…
सौ साल जियें दिलीप कुमार
आज हिंदी सिनेमा के महान अभिनेताओं में एक दिलीप कुमार का जन्मदिन है. उनके जीवन-सिनेमा से जुड़े कुछ अछूते प्रसंगों…
मृत्यु तो जीवन का शृंगार है
विजयदान देथा के निधन पर कई अखबारों में लेख, सम्पादकीय आये. आज सुबह दो अखबारों में सम्पादकीय पढ़ा- ‘दैनिक हिन्दुस्तान’…
जयश्री रॉय की कहानी ‘रेत के फूल’
हाल के वर्षों में जिन लेखिकाओं की कहानियों ने ध्यान खींचा है उनमें जयश्री रॉय का नाम प्रमुखता से लिया…
पुकारु नाम बचपन की बारिश का पानी है
महेश वर्मा की ताजा कविताएँ यहाँ प्रस्तुत हैं. हिंदी के इस शानदार कवि की कविताओं से अपनी तो संवेदना का तार…



