‘समन्वय’ में भोजपुरी और प्रकाश उदयOctober 24, 20131 mins7आज से इण्डिया हैबिटेट सेंटर का भारतीय भाषा महोत्सव ‘समन्वय’ शुरू हो रहा है. इसमें इस बार…ब्लॉग continue Reading..
कुछ कविताएँ कुमार अनुपम कीOctober 19, 20131 mins20कुमार अनुपम की कविताएँ समकालीन कविता में अपना एक अलग स्पेस रचती है- ‘अपने समय की शर्ट में…ब्लॉग continue Reading..
दूरदर्शन की नई पहल है ‘दृश्यांतर’October 16, 20131 mins113दूरदर्शन की नई पहल है ‘दृश्यांतर’. ‘मीडिया, साहित्य,संस्कृति और विचार’ पर एकाग्र इस पत्रिका का प्रवेशांक आया…ब्लॉग continue Reading..
पुरुष थमाते है स्त्री के दोनों हाथों में अठारह तरह के दुःखOctober 12, 20131 mins12दुर्गा के बहाने कुछ कविताएँ लिखी हैं युवा कवयित्री विपिन चौधरी ने. एक अलग भावबोध, समकालीन दृष्टि…ब्लॉग continue Reading..
एक-आध दिन मौसी के घर भी चले जाना चाहिएOctober 9, 20132 mins5संजय गौतम कम लिखते हैं लेकिन मानीखेज लिखते हैं. उदाहरण के लिए यही लेख जिसमें इब्ने इंशा…ब्लॉग continue Reading..
दबाव आप पर तब नहीं, अब आया हैOctober 5, 20131 mins13‘लमही सम्मान’ के सम्बन्ध में सम्मान के संयोजक और ‘लमही’ पत्रिका के संपादक विजय राय द्वारा यह…ब्लॉग continue Reading..
यह समय हमारी कल्पनाओं से परे हैOctober 5, 20131 mins7‘देर आयद दुरुस्त आयद’- यह मुहावरा अंजू शर्मा के सन्दर्भ में सही प्रतीत हो है. उन्होंने कविताएँ…ब्लॉग continue Reading..
मनीषा कुलश्रेष्ठ की कहानी ‘मौसमों के मकान सूने हैं’October 1, 20131 mins10मनीषा कुलश्रेष्ठ हमारी भाषा की एक ऐसी लेखिका हैं जिनको पाठकों और आलोचकों की प्रशंसा समान रूप…ब्लॉग continue Reading..
एक गरिमामयी पुरस्कार की शुरुआतSeptember 28, 20131 mins9शैलप्रिया स्मृति सम्मान एक दिसंबर 1994 को झारखंड की सुख्यात कवयित्री और स्त्री-संगठनों से जुड़ी सामाजिक कार्यकर्ता…ब्लॉग continue Reading..
कोफ़ी अवूनोर को श्रद्धांजलि स्वरुप उनकी एक लम्बी कविता हिंदी मेंSeptember 25, 20131 mins129हाल में नैरोबी में हुए आतंकी हमले में घाना के कवि कोफ़ी अवूनोर भी मरने वालों में थे.…ब्लॉग continue Reading..