दूर एक चोटी है हर रोज़ उसे मैं यूँ ही ताकती हूँ

आज युवा कवयित्री प्रकृति करगेती की कविताएँ. इनको पढ़ते हुए लगता है कि समकालीन कविता की संवेदना ही नहीं भाषा…

मैं औरत हूँ एक जिसके दिल में समय थम सा गया है

निजार कब्बानी की कुछ कविताओं के बहुत आत्मीय अनुवाद कवयित्री-कथाकार अपर्णा मनोज ने किये हैं. कुछ चुने हुए अनुवाद आपके…

जीवकांत जी की कविताओं में छंद नहीं था, मिट्टी की लय थी

मैथिली भाषा के प्रसिद्ध कवि, कथाकार, आलोचक जीवकांत जी का निधन हो गया. सहज भाषा के इस महान लेखक को…

फ्रैंक हुजूर और ‘सोहो: जिस्‍म से रूह का सफ़र’

फ्रैंक हुजूर ने कुछ साल पहले भारतीय उप-महाद्वीप के महानतम क्रिकेट खिलाडियों में से एक इमरान खान की जीवनी अंग्रेजी…

मैं चिर प्रेमी शैलेन्द्र और मेरी प्रेयसि हिंदी जनता

कुछ समय पहले गीतकार शैलेन्द्र की कविताओं का संचयन प्रकाशित हुआ ‘अन्दर की आग’. शंकर शैलेन्द्र के नाम से प्रतिबद्ध…

महात्मा गाँधी जिन किताबों को पढ़ते थे

महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की वेबसाईट ‘हिंदी समय’ पर तेजी ईशा ने उन पुस्तकों की सूची प्रस्तुत की है…

मैथिली भूषण मायानंद मिश्र को श्रद्धांजलि

मैथिली और हिंदी के वयोवृद्ध साहित्यकार 82 वर्षीय मायानन्द मिश्रको ‘मंत्रपुत्र’ के लिए वर्ष 1988 में साहित्य अकादमी द्वारा सम्मानित…

नये सुल्‍तान की सारी दाढि़यां उजली थी

हिंदी में अच्छी राजनीतिक कविताएँ कम पढने को मिलती हैं. युवा कवि रवि भूषण पाठक ने कुछ ऐतिहासिक राज-चरित्रों को…

कवि के साथ: चर्चा-परिचर्चा-कविता

इंडिया हैबिटैट सेंटर द्वारा आयोजित होने वाले कार्यक्रम  कवि के साथ  के 9वें आयोजन में आप सबको आमंत्रित करते हुए हमें हार्दिक…

औरो के दुख है बहुत बड़े और हमारे दुख हैं बौने

कल आर. अनुराधा जी ने ध्यान नहीं दिलाया होता तो उज्जवला ज्योति तिग्गा की कविताओं की तरफ ध्यान ही नहीं गया…

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