हृषीकेश सुलभ आज साठ साल के हुए!February 15, 20151 mins5आज हृषीकेश सुलभ 60 साल के हो गए. जब हम साहित्य की दुनिया में शैशवकाल में थे… continue Reading..
‘रॉय’ ने मेरे भीतर के ज्ञान-चक्षु खोल दिए हैं!February 14, 20151 mins5फिल्म ‘रॉय’ की आपने कई समीक्षाएं पढ़ी होंगी. यह समीक्षा लिखी है हिंदी की जानी-मानी लेखिका अनु… continue Reading..
तुलसी राम की मणिकर्णिका का एक यादगार अंशFebruary 13, 20151 mins116आज तुलसी राम जी का निधन हो गया. वे हिंदी के उन महान लेखकों में थे जिन्होंने… continue Reading..
क्या यह हिंदी प्रकाशन जगत में ‘ब्रांड वार’ की शुरुआत है?February 12, 20151 mins14इस बार विश्व पुस्तक मेले की शुरुआत वेलेन्टाइन डे के दिन हो रही है और हिंदी के… continue Reading..
सिंहासन खाली करो कि जनता आती हैFebruary 6, 20151 mins13रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की यह कविता मुझे तब तब जरूर याद आती है जब विप्लव की आहट… continue Reading..
बाल साहित्य और शिक्षा की किताबों की चर्चा क्यों नहीं होती?February 5, 20151 mins5हिंदी में साल भर की किताबों का जो लेखा जोखा प्रकाशित होता है उनमें बाल साहित्य तथा… continue Reading..
मन की बात के दौर में तन की बातFebruary 4, 20151 mins5जिन्होंने भी पंकज दुबे का उपन्यास ‘लूजर कहीं का’ पढ़ा है वे यह जानते हैं कि उनके… continue Reading..
अंतरात्मा सिर्फ बड़े लोगों के पास होती हैFebruary 3, 20151 mins183एक नया व्यंग्य संग्रह आया है राकेश कायस्थ का ‘कोस कोस शब्दकोश’. एक चुटीला व्यंग्य उसी से… continue Reading..
रंगीन शीशे से दुनिया को देखना: आर के लक्ष्मणFebruary 1, 2015October 24, 20201 mins92015 में ‘दैनिक हिन्दुस्तान’ में महान कार्टूनिस्ट आर. के. लक्ष्मण की आत्मकथा ‘द टनेल ऑफ़ टाइम’ का… continue Reading..