अज्ञेय का दुर्लभ और अप्राप्य निबंध ‘पानी का स्वर’March 17, 2017August 29, 20181 mins7रज़ा फाउंडेशन, दिल्ली की एक लघु परियोजना के अन्तर्गत कवि-सम्पादक मित्र पीयूष दईया हिन्दी और अंग्रेजी भाषा… continue Reading..
रिम्पी खिल्लन की कविता ‘सदी के आर-पार’March 16, 20171 mins6रिम्पी खिल्लन पेशे से प्राध्यापिका हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित आई.पी. कॉलेज में पढ़ाती हैं. शुरुआत कहानी… continue Reading..
‘उर्दू की आखिरी किताब’ और उर्दू व्यंग्य की परम्पराMarch 16, 20171 mins3संजय गौतम कम लिखते हैं लेकिन मानीखेज लिखते हैं. उदाहरण के लिए यही लेख जिसमें इब्ने इंशा… continue Reading..
पुरबिया उस्ताद ‘महेंदर मिसिर’ पर निराला बिदेसिया का लेखMarch 16, 20171 mins7आज भोजपुरी गीतों में पुरा-नायक का दर्जा रखने वाले महेंदर मिसिर की जयंती है. निराला बिदेसिया का… continue Reading..
याक और बच्चे की दोस्ती की कहानी ‘हिमस्खलन’March 16, 20171 mins7चीनी बाल एवं किशोर कथाओं में प्रकृति, मिथकों के साथ इंसान के आदिम संबंधों की कथा होती… continue Reading..
मृणाल पांडे की कथा श्रृंखला ‘अथ वणिक रत्नसेन प्रबंध-4’March 15, 20171 mins6हिमुली की कथा क्या शुरू हुई कि कथा से कथा जुड़ती चली गई. यही प्राचीन कथा परम्परा… continue Reading..
हरे प्रकाश उपाध्याय की लम्बी कविता ‘खंडहर’March 14, 20171 mins2बड़ा जटिल समय है. समाज उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है. एक बड़ा परिवर्तन घटित हो… continue Reading..
रविंदर सिंह लेखक थे अब कंपनी बन गए!March 14, 20171 mins32अभी वैलेंटाइन डे पर रविंदर सिंह का उपन्यास हिंदी में रीलिज हुआ था- ये प्यार क्यों लगता… continue Reading..
भगवा जीता इस फगवा में, गावे गाम भदेस। जोगीरा सा रा रा रा।”March 13, 20171 mins2होली पर स्पेशल चिट्ठी नॉर्वे से डॉ. व्यंग्यकार प्रवीण कुमार झा की आई है. भगवा के फगवा… continue Reading..
हम से नज़र मिलाइए होली का रोज़ है / तीर-ए-नज़र चलाइए होली का रोज़ हैMarch 13, 20171 mins6जो लोग उर्दू-हिंदी लिटरेचर से तआल्लुक़ रखते हैं, उनके ज़ेहन में होली के ख़याल के साथ नज़ीर… admin_46e92381continue Reading..