खुशी हमारा अंदरूनी भाव होता है- उसे पहचानेंJuly 17, 2017July 28, 20201 mins4आज ‘दैनिक भास्कर’ के सभी संस्करणों में मेरा यह लेख आया है- प्रभात रंजन ========================================= खुशी का… continue Reading..
प्रकृति करगेती की कुछ कहाविताएंJuly 17, 20171 mins278युवा लेखिका प्रकृति करगेती लेखन में नए नए प्रयोग करती हैं। कहाविता ऐसा ही एक प्रयोग है।… continue Reading..
सौम्या बैजल की कविताएंJuly 15, 20171 mins4सौम्या बैजल की कवितायें-कहानियाँ जानकी पुल पर कुछ वर्षों से समय समय पर आती रही हैं। अच्छा… continue Reading..
राकेश शंकर भारती की कहानी ‘रंडियों का दल्ला’July 14, 20171 mins9राकेश शंकर भारती की कुछ कहानियों ने इधर मेरा ध्यान खींचा है। जेएनयू से पढ़ाई करने के… continue Reading..
जापानी फिल्म ‘इन द रियल्म ऑफ़ द सेन्सेस’ पर श्री का लेखJuly 12, 20171 mins5मुक्त जुनून कामनाओं के सब द्वार खोलता है या कि शांत और अबोधगम्य आकाश के खालीपन में… continue Reading..
आदमी की निगाह औरत को क्या बनाती है?July 10, 2017July 19, 20201 mins5युवा आलोचक वैभव सिह का यह लेख पढ़ने और चर्चा करने के योग्य है। उनके लगभग हर… continue Reading..
राजेश प्रधान की कविता ‘कुछ ऐसी भी बातें होती हैं’July 8, 20171 mins7मुझे सबसे सच्चे कवि वे लगते हैं जो अपने मन की भावनाओं को अभिव्यक्त करते हुए कवितायें… continue Reading..
प्रकृति करगेती की कविता ‘बादलों की बन्दूक’July 7, 20171 mins2समकालीन राजनीति और समाज के सोच को लेकर प्रकृति करगेती की एक अच्छी कविता मिली- मौडरेटर ====================================================… continue Reading..
मार्केज़ की कहानी ‘मैं सिर्फ़ एक फ़ोन करने आई थी’July 7, 20171 mins11मार्केज मेरे प्रिय लेखकों में हैं और उनकी कई कहानियाँ हमारी सोच को बादल कर रख देती… continue Reading..
एजाज अहमद को क्यों पढना चाहिए?July 6, 20171 mins2वैभव सिंह मेरी पीढ़ी के उन कुछ बुद्धिजीवियों में बचे हैं जो मेरी तरह लोकप्रियता की आंधी… continue Reading..