अकीरा कुरोसावा की आत्मकथा का एक अंश

महान फिल्मकार अकीरा कुरोसावा ने अपनी आत्मकथा ‘समथिंग लाइक एन ऑटोबायोग्राफी’ में अपने आरंभिक जीवन के बारे में लिखा है, अपने सिनेमाई अनुभवों-विचारों को भी रखा है. उसी के एक छोटे-से अंश का अनुवाद- जानकी पुल.

====================

मुझे लगता है कि आत्मकथा जैसा कुछ लिखने का विचार मुझे फ्रेंच फिल्म-निर्देशक ज्यां रेने की आत्मकथा पढते हुए सूझा. मुझे उनसे एक बार मिलने का अवसर मिला था, उनके साथ डिनर करने का निमंत्रण भी मिला था, हमने खाते हुए बहुत सारे विषयों पर बातें की थी. उस मुलाक़ात के बाद उनके बारे मेरे मन में छवि यह बनी थी कि वे उस किस्म के इंसान नहीं हैं जो अपनी आत्मकथा लिखें. उन्होंने अपनी आत्मकथा लिखी मेरे लिए यह एक बड़ी खबर थी. उस किताब की भूमिका में रेने ने लिखा है: ‘मेरे बहुत से दोस्तों ने मुझसे आत्मकथा लिखने के लिए कहा… उनके लिए इतना ही काफी नहीं कि एक कलाकार ने कैमरा और माइक्रोफोन के माध्यम से अपने आपको खुलकर अभिव्यक्त किया है. वे इस बात को जानने में दिलचस्पी रखते हैं कि वह कलाकार कौन है.

उन्होंने आगे लिखा है-

सच्चाई यह है कि वह व्यक्ति जिसके ऊपर आपको बहत गर्व होता है विविध प्रकार के पह्लुओँ से मिलकर बना होता है, जैसे नर्सरी की पढ़ाई के दौरान उसके जो दोस्त बने हों, जो पहली कहानी उसने पढ़ी हो उसका नायक या उसके रिश्ते के भाई यूजेन का कुत्ता. हम अपने आप में नहीं बने होते हैं बल्कि हमारे साथ वह वातावरण भी मौजूद होता है जिसने हमें रूप दिया हो… मैं उन लोगों और घटनाओं को याद करता रहता हूँ जिनके बारे में मुझे यह लगता है कि उन्होंने वह रूप दिया जो मैं आज हूँ. ज्यां रेने से पहली मुलाकात में उन्होंने मेरे ऊपर ज़बरदस्त प्रभाव छोड़ा- मेरे अंदर यह भाव पैदा हुआ कि मैं उसी तरह से बूढ़ा होना चाहता हूँ जिस तरह से वे हुए.

एक और व्यक्ति है जिनकी तरह से मैं बूढ़ा होना चाहता था: अमेरिकी फिल्म निर्देशक जॉन फोर्ड. मुझे इस बात की बहुत पीड़ा है कि फोर्ड ने अपनी कोई आत्मकथा पीछे नहीं छोड़ी. वैसे तो इन दो महान शख्सियतों के सामने मैं राई बराबर भी नहीं हूँ. लेकिन अगर बहुत सारे लोग जब यह जानना चाहते हों कि मैं किस तरह का व्यक्ति हूँ तो मेरा भी यह कर्तव्य बनता है है कि मैं उनके लिए कुछ लिखूं…

सिनेमाई के बारे में कुछ बेतरतीब बातें-

मुझसे अक्सर पूछा जाता है कि मैंने अनेक बरसों के दौरान सिनेमा का जो अनुभव अर्जित किया है उसे युवाओं से क्यों नहीं बांटता. असल में, मेरी खुद भी बहुत इच्छा है कि मैं ऐसा करूँ. मेरे साथ सहायक निर्देशक के रूप में काम करनेवाले 99 प्रतिशत लोग स्वतंत्र रूप से निर्देशक बन चुके हैं. लेकिन मुझे नहीं लगता कि उनमें से किसी ने भी सबसे ज़रूरी बातों को सीखने की ज़हमत उठाई हो.

……………………………………………………………………………

सिनेमा क्या है? इस सवाल का जवाब देना कोई आसान काम नहीं है. बहुत समय पहले जापानी उपन्यासकार शिगा नावोया ने अपने पोते द्वारा लिखा गया एक निबंध प्रस्तुत करते हुए कहा था कि वह अपने समय के बेहतरीन गद्य-लेखन में से एक है. उसे उन्होंने एक साहित्यिक पत्रिका में प्रकाशित करवाया था. उसका शीर्षक था- ‘कुत्ता’ और वह कुछ इस शैली में आगे बढ़ता था: ‘‘मेरा कुत्ता कुछ-कुछ भालू जैसा लगता है, वह कुछ-कुछ बिज्जू जैसा भी लगता है; कुछ-कुछ सियार जैसा….’’ इसी तरह वह उस लेख में कुत्ते की एक-एक विशेषता का किसी और जानवर की विशेषता के साथ मिलान करता जाता है, धीरे-धीरे उसमें जंगल के सारे जानवर इकठ्ठा होते जाते हैं. हालांकि वह निबंध इन पंक्तियों के साथ खत्म होता है कि ‘चूँकि वह एक कुत्ता है इसलिए सबसे अधिक वह एक कुत्ते जैसा ही लगता है.’

मुझे याद है जब मैंने इस निबंध को पढ़ा था बेसाख्ता मेरी हंसी फूट पड़ी थी, लेकिन यह एक गंभीर बात करता है. सिनेमा में अनेक अन्य कलाओं की छवियाँ होती हैं. अगर सिनेमा में साहित्यिक लक्षण पाए जाते हैं, तो उसमें नाटक के गुण भी होते हैं, चित्रकला, मूर्तिकला और संगीत की विशेषताएं भी उसमें पायी जाती हैं. लेकिन सिनेमा, आखिरकार सिनेमा होता है.

…………………………………………………………………………………..

पटकथा लिखने की दिशा में जानेवालों को सबसे पहले संसार के कुछ महान उपन्यासों और नाटकों का अध्ययन करना चाहिए. आपको पहले यह समझने का प्रयास करना चाहिए कि उनको क्यों महान कहा जाता है. उसमें वह भावना आखिर कहाँ से आती है जिसका अनुभव हम उसे पढ़ने के दौरान करते हैं? घटनाओं, पात्रों के वर्णन के दौरान किस हद तक उनका ‘पैशन’ काम कर रहा होता है, किस हद तक उनका दिमाग काम कर रहा होता है उसके दौरान? आपको उसका गहराई से अध्ययन करना चाहिए, उतना कि वह पूरी तरह आपकी पकड़ में आ जाए. आपको कुछ महान फ़िल्में भी इस क्रम में देखनी चाहिए. आपको कुछ महान पटकथाओं का अध्ययन करना चाहिए, कुछ महान निर्देशकों के सिने-सिद्धांतों का अध्ययन करना चाहिए. अगर आपका लक्ष्य निर्देशक बनना हो तो आपको पटकथा में महारत हासिल करनी ही चाहिए.

…………………………………………………………………………………………..

मैं भूल गया हूँ किसने कहा था कि सृजन स्मृति है. मेरे अपने अनुभव और जो कुछ मैंने पढ़ा मेरी स्मृति में बचे रह गए और जब मैंने कुछ नया सृजन किया तो वही उसके आधार बन गए. शायद इसी कारण से काफी कम उम्र से ही मैं हमेशा अपने साथ एक नोटबुक रखता था. जब भी कुछ ऐसा पढता जो मुझे प्रभावित करता तो मैं तुरंत उस पर अपने नोटबुक में टिप्पणी दर्ज कर लेता. मेरे पास बण्डल के बण्डल ऐसे नोटबुक पड़े हुए हैं, जब मैं पटकथा लिख रहा होता हूँ तो उस दौरान मैं उनको ही पढ़ रहा होता हूँ. उनसे हमेशा मुझे कोई न कोई दिशा मिलती है. यहाँ तक कि संवाद की पंक्तियों के लिए भी मैं अपने पुराने नोटबुक की ओर देखता हूँ. तो जो बात मैं कहना चाहता हूँ वह यह है कि कोई भी किताब बिस्तर पर लेटकर नहीं पढ़ना चाहिए.

……………………………………………………………………

1940 के आसपास मैंने दो अन्य लोगों के साथ पटकथा लिखना शुरू किया. बाद में जब मैंने अकेले पटकथा लिखना शुरू किया तो मैंने पाया कि मुझे कोई मुश्किल नहीं होती थी. लेकिन अकेले लिखने में एक खतरा यह रहता है कि जिन इंसानों के बारे में आप लिख रहे होते हैं उनके बारे में आप एकतरफा ढंग से लिख जाएँ. अगर आप किसी इंसान के बारे में दो और लोगों के साथ लिखा हो तो आपको उसके बारे में कम से कम दो और विभिन्न दृष्टिकोण मिल जाते हैं, आप उन बिदुओं पर आपस में चर्चा कर सकते हैं जिनसे आप असहमति रखते हैं. साथ ही, निर्देशकों में यह स्वाभाविक प्रवृत्ति होती है कि वे कहानी को उस तरह से ढाल लेना चाहते हैं जिस तरह से उनको वह सुविधाजनक लगती हो. दो और लोगों के साथ लिखते हुए आप इस खतरे से बच सकते हैं.

 

===================

दुर्लभ किताबों के PDF के लिए जानकी पुल को telegram पर सब्सक्राइब करें

https://t.me/jankipul

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1 mins
WordPress Center Ankara Escort: Beypazarı Escort, Pursaklar Escort, Etimesgut Escort İstanbul Escort: Esenyurt Escort, Bahçelievler Escort, Maltepe Escort Bursa Escort: Gürsu Escort, Keles Escort, İznik Escort What are the best budget smartphones available in 2025? Reason Why Everyone Love Travel Doubts About Lifestyle You Should Clarify EMO Reactions Pro – WordPress Plugin Musik – WordPress Admin BWD Map Masking addon for elementor Mingle SAAS – Social Auto Poster & Scheduler PHP Script WPBakery YouTube Channel with Carousel Addon Taqyeem – Predefined Criteria Addon Lifeline Donation Pro – WordPress plugin to get donations WP Guard – WordPress Security, Firewall & Anti-Spam WooCommerce Shipping Method Conditions & Priorities eClassify – Classified ads Buy and Sell Marketplace Flutter App with Laravel Admin Panel