ओमप्रकाश वाल्मीकि ने हिंदी की चौहद्दी का विस्तार कियाNovember 24, 2013June 30, 20201 mins156ओमप्रकाश वाल्मीकि जी के प्रति एक छोटी सी श्रद्धांजलि ‘दैनिक हिन्दुस्तान’ में प्रकाशित हुई. मैंने ही लिखी है-… continue Reading..
बिना देखे ही भोजपुरी फिल्मों को गाली देने का फैशन हैNovember 21, 20131 mins5पटना में आयोजित भोजपुरी फिल्म फेस्टिवल के बहाने भोजपुरी सिनेमा की दशा-दिशा पर तौहीद शहबाज़(दिलनवाज) का एक गंभीर… continue Reading..
प्रथम शैलप्रिया स्मृति सम्मान निर्मला पुतुल कोNovember 18, 20131 mins18प्रथम शैलप्रिया स्मृति सम्मान प्रसिद्ध कवयित्री निर्मला पुतुल को दी जाने की घोषणा की गई है. उनको… continue Reading..
कष्ट-गरीबी और जातीय अपमान-पीड़ा और उत्पीड़न उनके लेखन की प्रेरणा बनेNovember 17, 20131 mins15दलित साहित्य के शिखर लेखक ओमप्रकाश वाल्मीकि का आज निधन हो गया. ‘जूठन’ जैसी अमर कृति के… continue Reading..
बाल साहित्य के सजग सैनिक को शोकाकुल पाठक की भावभीनी श्रद्धांजलि!November 16, 2013December 20, 20241 mins7प्रसिद्ध बाल-कथा लेखक हरिकृष्ण देवसरे का निधन हो गया. वे ‘पराग’ के संपादक थे. ऐसा लगा जैसे…बाल साहित्य prabhatcontinue Reading..
राजेन्द्र जी दिल्ली के दादा थेNovember 15, 20131 mins137वरिष्ठ लेखक-शिक्षाविद प्रेमपाल शर्मा ने राजेंद्र यादव पर डायरी के शिल्प में बेहद आत्मीय ढंग से लिखा… continue Reading..
अंतिम दिन का मैदानNovember 14, 20131 mins12आज सचिन तेंदुलकर अपना आखिरी टेस्ट खेलने मैदान में उतरेंगे. विश्वास नहीं होता. अचानक अपने बूढ़े होने… continue Reading..
थोड़ा पैसा आ जाने दो फ्रेम नया हम मढ़ लेंगेNovember 13, 20131 mins12अविनाश की पहली पहचान कवि के रूप में ही रही है. वे प्रयोगधर्मी हैं. हमेशा कुछ नया-नया… continue Reading..
स्त्री को इस समाज से एक लेखक बतौर सम्मान और पहचान चाहिएNovember 13, 20131 mins654कुछ अर्सा पहले मैत्रेयी पुष्प जी ने युवा लेखिकाओं के ऊपर एक टिप्पणी जनसत्ता में की थी।… continue Reading..
मृत्यु तो जीवन का शृंगार हैNovember 12, 20131 mins0विजयदान देथा के निधन पर कई अखबारों में लेख, सम्पादकीय आये. आज सुबह दो अखबारों में सम्पादकीय… prabhatcontinue Reading..