प्रेमचंद की परंपरा से क्या तात्पर्य है?August 3, 20131 mins11विद्वान् लेखक अपूर्वानंद ने हाल में संपन्न हुई ‘हंस’ की सालाना गोष्ठी और उसमें शामिल न होने… continue Reading..
औरंगजेब, दारा, लाहौर और रिश्तों के अँधेरेAugust 2, 20131 mins6मोहसिन हामिद समकालीन पाकिस्तानी अंग्रेजी लेखन का जाना-माना नाम है. अभी उनके मशहूर उपन्यास ‘रिलक्टेंट फण्डामेंटलिस्ट’ पर… continue Reading..
विचारोत्तेजक बात यही है कि हम अब भी विचार नहीं करतेAugust 1, 20131 mins1हाल के दिनों में आभासी दुनिया और प्रिंट मीडिया में जो सबसे गंभीर साहित्यिक बहस चली है… continue Reading..
नायक विहीन समय में प्रेमचंदJuly 31, 20131 mins0आज मुख्यधारा की मीडिया में प्रेमचंद की जयंती पर उनको याद करते हुए कुछ अच्छे लेख प्रकाशित… prabhatcontinue Reading..
नायक विहीन समय में प्रेमचंदJuly 31, 20131 mins0आज मुख्यधारा की मीडिया में प्रेमचंद की जयंती पर उनको याद करते हुए कुछ अच्छे लेख प्रकाशित… prabhatcontinue Reading..
नायक विहीन समय में प्रेमचंदJuly 31, 2013August 1, 20201 mins147आज मुख्यधारा की मीडिया में प्रेमचंद की जयंती पर उनको याद करते हुए कुछ अच्छे लेख प्रकाशित…ब्लॉग continue Reading..
दुःख में हो मोनालिसा?July 28, 20131 mins0कुछ दिनों पहले वरिष्ठ कवयित्री सुमन केसरी ने मोनालिसा को लेकर कुछ कवितायेँ लिखी थी. आज समकालीन… prabhatcontinue Reading..
दुःख में हो मोनालिसा?July 28, 20131 mins0कुछ दिनों पहले वरिष्ठ कवयित्री सुमन केसरी ने मोनालिसा को लेकर कुछ कवितायेँ लिखी थी. आज समकालीन… prabhatcontinue Reading..
दुःख में हो मोनालिसा?July 28, 20131 mins720कुछ दिनों पहले वरिष्ठ कवयित्री सुमन केसरी ने मोनालिसा को लेकर कुछ कवितायेँ लिखी थी. आज समकालीन…ब्लॉग continue Reading..
भारतीय सिनेमा का लास्ट लियरJuly 23, 20131 mins0युवा लेखक कुणाल सिंह सिनेमा की गहरी समझ रखते हैं. हाल में ही दिवंगत हुए फिल्मकार ऋतुपर्णो… prabhatcontinue Reading..