Posted in ब्लॉग दिन एक सितम, एक सितम रात करो हो Estimated read time 1 min read Posted on March 31, 2013 by पटना लिटरेचर फेस्टिवल में जो लोग शामिल हुए उनके लिए शायर कलीम आजिज़ को सुनना भी एक यादगार अनुभव रहा.…