Skip to content
जानकी पुल – A Bridge of World Literature

जानकी पुल - A Bridge of World Literature

  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
जानकी पुल – A Bridge of World Literature

जानकी पुल - A Bridge of World Literature

  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions

nizar qabbani

0 posts

मैं औरत हूँ एक जिसके दिल में समय थम सा गया है

September 18, 20131 mins32
निजार कब्बानी की कुछ कविताओं के बहुत आत्मीय अनुवाद कवयित्री-कथाकार अपर्णा मनोज ने किये हैं. कुछ चुने…
  • ब्लॉग
continue Reading..

स्त्रियाँ सुन्दर हो जाती हैं जब उनसे फूटता है रुदन

February 10, 20121 mins474
आज प्रस्तुत हैं निज़ार क़ब्बानी की पाँच कविताएँ, जिनका बहुत अच्छा अनुवाद किया है सिद्धेश्वर सिंह ने- जानकी…
  • ब्लॉग
continue Reading..

Recent Posts

  • दुर्योधन के विषय में पुस्तक क्यों?
  • जेरी पिंटो का उपन्यास और मानसिक स्वास्थ्य
  •  आलोचना और बेबाकपन का रिश्ता
  • आशा भोसले के बारे में रूना लैला की टिप्पणी
  • शहरयार की तीन कविताएँ

Recent Comments

  1. Partha Choudhury on कसप उपन्यास की बेबी उर्फ़ मैत्रेयी मिश्रा
  2. Sarita Singh on आकृति विज्ञा ‘अर्पण’ की पाँच कविताएँ
  3. Swati Yadav on यारोस्लावास मेलनिकस की कहानी ‘अंतिम दिन’
  4. Amisha Aneja on यारोस्लावास मेलनिकस की कहानी ‘अंतिम दिन’
  5. sheodayal on अर्पण कुमार की पाँच कविताएँ
You May Have Missed
  • लेख

स्त्रियों की भाषा या भाषाओं में स्त्रियाँ

    किनारे बैठी औरत धोती रहती है अपने शोक

      ‘पितृ-वध’ से निकलता स्त्री-स्वर

      जानकी पुल – A Bridge of World Literature

      जानकी पुल - A Bridge of World Literature

      Facebook Instagram Whatsapp
      जानकी पुल - A Bridge of World Literature 2026. Designed by www.rktechwebsitedesign.com