मैं औरत हूँ एक जिसके दिल में समय थम सा गया हैSeptember 18, 20131 mins32निजार कब्बानी की कुछ कविताओं के बहुत आत्मीय अनुवाद कवयित्री-कथाकार अपर्णा मनोज ने किये हैं. कुछ चुने…ब्लॉग continue Reading..
स्त्रियाँ सुन्दर हो जाती हैं जब उनसे फूटता है रुदनFebruary 10, 20121 mins474आज प्रस्तुत हैं निज़ार क़ब्बानी की पाँच कविताएँ, जिनका बहुत अच्छा अनुवाद किया है सिद्धेश्वर सिंह ने- जानकी…ब्लॉग continue Reading..