सपने में सेंध मारने लगा है ईश्वरJanuary 29, 20121 mins5राकेश श्रीमाल की कविताएँ ‘हिय आँखिन प्रेम की पीर तकी’ के मुहावरे में होती हैं. कोमल शब्द,…ब्लॉग continue Reading..
थोडी हकलाहट थोडी सी बेबाकीDecember 4, 20101 mins39आज राकेश श्रीमाल की कविताएँ. संवेदनहीन होते जाते समय में उनकी कविताओं की सूक्ष्म संवेदनाएं हमें अपने…ब्लॉग continue Reading..