Posted in समीक्षा सूखा बरगद : धार्मिक कट्टरता के बीच उम्मीद की एक किरण Estimated read time 1 min read Posted on November 26, 2024 by prabhat कुछ कृतियों की प्रासंगिकता लंबे समय तक बनी रहती है। ऐसी ही एक कृति मंज़ूर एहतेशाम का उपन्यास ‘सूखा…