राजेश प्रधान की चार कविताएँMay 17, 20171 mins6आज राजेश प्रधान की कविताएँ. किस तरह शब्दों के थोड़े से हेरफेर से शब्दों में सौन्दर्य पैदा… continue Reading..
मंगलेश डबराल का जन्मदिन मंगलेश डबराल की कविताएँMay 16, 20171 mins7आज सुबह से याद था कि आज मेरे प्रिय कवियों में एक मंगलेश डबराल का जन्मदिन है… continue Reading..
‘दिल्लीवाली बस से ही जाना, बिहार वाली बस तुम जैसों के लिए नहीं है…’May 16, 20171 mins5सुशील कुमार भारद्वाज बिहार के युवा लेखक हैं. इस बार उन्होंने एक बस यात्रा का संस्मरण लिखा… continue Reading..
आर डी बर्मन के विदा गीत का जादूMay 16, 20171 mins238फिल्म 1942 ए लव स्टोरी का संगीत सच में बहुत सुरीला था. आर डी बर्मन की आखिरी… continue Reading..
‘दे फोंफ दे फोंफ दे फोंफ’ और ‘दे गप्प दे गप्प दे गप्प’ वाली गर्मी का किस्साMay 15, 20171 mins3रंजन ऋतुराज ‘दालान’ पर पुराने दिनों के किस्से लिखते हैं. अब उन्होंने गर्मी का यह किस्सा लगा… continue Reading..
जीवन और कला के अंतर्संबंधों की बेहतरीन किताब ‘सिमिट सिमिट जल’May 15, 20171 mins5कुछ किताबें ज्ञान बढाने के लिए होती हैं, कुछ मन को गुदगुदाने के लिए, कुछ गर्मी की… continue Reading..
सिनीवाली शर्मा की कहानी ‘अधजली’May 15, 20171 mins122सिनीवाली शर्मा समकालीन कथा लेखन में चुपचाप अपनी पहचान पुख्ता करती जा रही हैं. उनकी यह कहानी… continue Reading..
‘सरकार’ में हिमालयन ब्लन्डर कर गए रामगोपाल वर्माMay 14, 20171 mins2सरकार 3 आई लेकिन इस श्रृंखला की पिछली दोनों फिल्मों की तरह कोई प्रभाव नहीं छोड़ पाई.… continue Reading..
माँ गूलर का दूध है, माँ निमिया की डारMay 14, 20171 mins11कल वरिष्ठ लेखक दिविक रमेश जी ने ध्यान दिलाया कि कोलकाता से बींजराज रांका के संपादन में 2017… continue Reading..
मदर्स डे और दिनकर की ‘रश्मिरथी’May 14, 20171 mins6मदर्स डे के दिन रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की कृति ‘रश्मिरथी’ की याद भी आ जाती है. खासकर… continue Reading..