‘सूरमा’ दलजीत दोसांझ के लिए याद की जायेगी

सूरमा  फिल्म पर नवीन शर्मा का लेख- मॉडरेटर
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आज भले ही क्रिकेट हमारे देश का सबसे लोकप्रिय खेल बन गया है लेकिन हमारा राष्ट्रीय खेल तो हॉकी ही है। हॉकी में भारत की उपलब्धियों का इतिहास बेहद शानदार रहा है। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद, झारखंड के जयपाल सिंह मुंडा, प्रगट सिंह, मो शाहिद व धनराज पिल्लै जैसे कई नाम हैं जिन्होंने अपनी प्रतिभा की चमक से हॉकी में देश को ओलंपिक तथा अन्य प्रतियोगिताओं में कई गोल्ड मेडल दिलाकर तिरंगे का गौरव बढ़ाया है।
संदीप सिंह भी इसी गौरवशाली अतीत की वर्तमान कड़ी है। वे देश के हॉकी खिलाडिय़ों में सबसे अधिक गोल करनेवाले खिलाड़ी हैं। इसके साथ ही वे दुनिया के सबसे तेज ड्रैग फ्लिकर भी हैं। इसी खिलाड़ी की बायोपिक सूरमा के नाम से निर्देशक शाद अली ने अच्छी फिल्म बनाई है।
सूरमा में संदीप सिंह का रोल दलजीत दोसांझ ने बेहतरीन ढंग से निभाया है। हॉकी खिलाड़ी का रोल विश्वनीय ढंग से निभाने के लिए उनकी शारीरिक मेहनत भी साफ नजर आती है। भोलेभाले संदीप को दमदार खिलाड़ी के रूप में तब्दील होने की प्रक्रिया को शाद अली और उनके कैमरामैन बखूबी दर्शाते हैं। दलजीत संवेदनशील दृश्यों में भी जमे हैं। वहीं हॉकी खेलने के सीन में भी उनका लड़ाका तेवर अच्छी तरह उभरता है।
 संदीप की प्रेमिका बनी हरप्रीत कौर के किरदार में तापसी पन्नू  अच्छी लगती हैं। इनदोनों की केमेस्ट्री जमती है।
संदीप के बड़े भाई बने अंगद बेदी अपने डीलडौल से भी बड़े भाई ही लगते हैं। उन्होंने हमदर्द व हरकदम पर साथ देनेवाले बड़े भाई की भूमिका में जान डाल दी है। कोच के किरदार में विजय राज अपने अलग अंदाज से ध्यान खिंचते हैं।
यह फिल्म इसलिए खास हो जाती है कि संदीप सिंह को ट्रेन में सफर के दौरान गोली लग जाती है और देर से इलाज शुरू होने की वजह से उनके शरीर का निचला हिस्सा पैरालाइज्ड हो जाता है। डॉक्टर शुरू में यह अंदेशा जताते हैं कि संदीप सिंह का हॉकी खिलाड़ी के रूप में कॅरियर अब खत्म हो गया है। लेकिन संदीप अपने हौसले के दम फिर से देश के लिए हॉकी खेलना शुरू करते हैं और उसी तेवर में गोल भी करते हैं। इस तरह की फाइटिंग स्प्रीट दिखाने के लिए ही संदीप का जीवन अन्य लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन जाता है। इसी वजह से उनके जीवन पर बायोपिक बनाई गई है। अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह फिल्म की निर्माता हैं।
संदीप सिंह को उनके योगदान के लिए खेल के लिए दिया जानेवाला देश सबसे बड़ा राष्ट्रीय पुरस्कार अर्जुन अवार्ड भी दिया गया है।
इस फिल्म की तुलना अन्य खिलाडिय़ों के जीवन पर बनी बायोपिक से भी की जाएगी। मेरी राय में भाग मिल्खा भाग, मैरीकॉम व पान सिंह तोमर के बाद सूरमा को स्थान दिया जा सकता है।

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