कुँवर नारायण और उनकी किताब ‘लेखक का सिनेमा’

80-90 के दशक में कुंवर नारायण विश्व सिनेमा पर दिनमान, सारिका और बाद में नवभारत टाइम्स में लिखा करते थे.…

कृष्ण का जीवन उत्सव का संदेश बन गया!

आज जन्माष्टमी भी है. युवा लेखक विमलेन्दु का एक अवश्य पठनीय टाइप लेख इस मौके पर पढ़िए- मॉडरेटर ================================================= ईश्वर…

अमृत रंजन का लेख ‘अंत जिज्ञासा है’

स्कूली लेखक अमृत रंजन जैसे जैसे बड़ा होता जा रहा है उसके लेखन-सोच का दायरा बड़ा होता जा रहा है.…

स्मिता सिन्हा की आठ नई कविताएँ

स्मिता सिन्हा की कविताएँ प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में छपती रहती हैं, सराही जाती हैं. उनका एक अपना समकालीन तेवर है,…

तन्हाई का अंधा शिगाफ़ : भाग-10 अंतिम

आप पढ़ रहे हैं तन्हाई का अंधा शिगाफ़। मीना कुमारी की ज़िंदगी, काम और हादसात से जुड़ी बातें, जिसे लिख…

तन्हाई का अंधा शिगाफ़ : भाग-9

आप पढ़ रहे हैं तन्हाई का अंधा शिगाफ़। मीना कुमारी की ज़िंदगी, काम और हादसात से जुड़ी बातें, जिसे लिख…

तन्हाई का अंधा शिगाफ़ : भाग-8

आप पढ़ रहे हैं तन्हाई का अंधा शिगाफ़। मीना कुमारी की ज़िंदगी, काम और हादसात से जुड़ी बातें, जिसे लिख…

राजेश प्रधान की दो नई कविताएँ

बोस्टन प्रवासी राजेश प्रधान पेशे से वास्तुकार हैं, राजनीतिशास्त्री हैं. हिंदी में कविताएँ लिखते हैं. उनकी कविताओं में सतह के…

जानकी पुल को सहयोग करें

Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी