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जानकी पुल – A Bridge of World Literature

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एक बड़े आदर्श का यथार्थवादी अंत?

March 5, 20151 mins4
देश जिसे अपने आदर्श की तरह अपनाने के लिए तैयार था वह तो कमबख्त हिंदी कहानियों के…
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    क्या हिन्दी में भी कोई ‘चेतन भगत’ आ सकता है?

    March 3, 20151 mins219
    हाल में ही हिंदी में कुछ किताबें आई तो यह चर्चा शुरू हो गई कि हिंदी में…
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      भालचंद्र नेमाड़े को सुनते हुए ‘नाकोहस’ कहानी की याद

      March 2, 20151 mins760
      परसों की ही तो बात है. राजकमल प्रकाशन का स्थापना दिवस समारोह था, उसमें भालचंद्र नेमाड़े को…
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        क्या हिंदी प्रकाशन जगत में नए दौर की शुरुआत हो गई है?

        March 1, 20151 mins6
        कल की दोपहर बड़ी ख़ास थी. वसंत की दोपहरें आम तौर पर उदास करने वाली होती हैं.…
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          अमेजन क्रांति के दौर में हिदी किताबें और पाठक

          February 27, 20151 mins7
          परसों बिहार के कटिहार से संजय जी का फोन आया था. फोन उठाते ही उन्होंने कहा कि…
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            प्रेम खाप के लिए है अभिशाप तो व्यक्ति के लिए अमर फल!

            February 25, 20151 mins6
            ऐसा नहीं है कि 2015 के पुस्तक मेले में मुझे सिर्फ रवीश कुमार का ‘इश्क में शहर…
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              हिंदी में ईबुक क्रांति आने वाली है?

              February 24, 20151 mins123
              विश्वपुस्तक मेले में हिंदी प्रकाशकों के हॉल में सबसे अधिक चर्चा थी ईबुक की. इस चर्चा के…
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                विश्व पुस्तक में क्या रहे ट्रेंड?

                February 23, 20151 mins14
                इस बार पुस्तक मेले में चार दिन जाना हुआ. पहले सोचा था नहीं जाऊँगा. लेकिन एक बार…
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                  क्या शादी प्रेम की ट्रॉफी होती है?

                  February 22, 20151 mins12
                  आज विश्व पुस्तक मेला का अंतिम दिन है. इस बार बड़ी अजीब बात है कि हिंदी का…
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                    प्रियदर्शन की कहानी ‘बारिश, धुआँ और दोस्त’

                    February 21, 20151 mins188
                    बरसों बाद प्रियदर्शन का दूसरा कहानी संग्रह आया है ‘बारिश, धुआँ और दोस्त’. कल उसका लोकार्पण था. उस…
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