गंभीर और लोकप्रिय साहित्य के बीच कोई अंतर नहीं होता है!April 8, 20151 mins12हिंदी में लोकप्रिय और गंभीर साहित्य के अंतर्संबंधों को लेकर मेरा यह लेख ‘पाखी’ पत्रिका के नए… continue Reading..
दिबाकर बनर्जी की अब तक की सबसे कमजोर फिल्म है ‘ब्योमकेश बक्शी’April 7, 20151 mins8फिल्म समीक्षक आजकल समीक्षक कम पीआर कम्पनी के एजेंट अधिक लगने लगे हैं. ऐसे में ऐसे दर्शकों… continue Reading..
डेढ़ सौ साल की कृति ‘एलिस इन वंडरलैंड’April 6, 2015August 1, 20201 mins9‘एलिस इन वंडरलैंड’ के डेढ़ सौ साल हो गए. इस कृति की अमरता के कारणों पर जानी-मानी… continue Reading..
मृणाल पाण्डे की कुछ कविताएंApril 5, 20151 mins5मृणाल पाण्डे के उपन्यासों, उनकी कहानियों से हम सब वाकिफ रहे हैं. उनकी पत्रकारिता से हमारा गहरा परिचय… continue Reading..
प्रियंका दुबे की कहानी ‘डेडलाइन’April 4, 20151 mins3यह सब हम सब लिखने वालों के साथ होता होगा, डेडलाइन का दबाव, लिखने न लिखने का… continue Reading..
आलोचकों की लीला आलोचक जानें- मृणाल पाण्डेApril 3, 20151 mins11वरिष्ठ लेखिका, लब्धप्रतिष्ठ पत्रकार मृणाल पाण्डे से बड़े दिनों बाद एक लम्बी बातचीत पढ़ी. अंजुम शर्मा के… continue Reading..
क्या कैलाश वाजपेयी हिंदी के लिए ‘आउट ऑफ़ कोर्स’ कवि थे?April 2, 20151 mins32जब से कैलाश वाजपेयी के निधन के बारे में सुना तब से उनके बारे में लिखने की… continue Reading..
इत्ती-इत्ती किताबें किसके लिए छपती हैं?April 1, 20151 mins5हिंदी में किताबों की दुनिया का विस्तार हो रहा है. यह बड़ी सुखद बात है. लेकिन कंटेंट… continue Reading..
मनोहर श्याम जोशी और सोप ऑपेरा के आखिरी दिन!March 29, 20151 mins6कल यानी 30 मार्च को हिंदी में अपने ढंग के अकेले लेखक मनोहर श्याम जोशी की पुण्यतिथि… continue Reading..
कमल जीत चौधरी की कविताएंMarch 28, 20151 mins404जम्मू-कश्मीर के कवि कमल जीत चौधरी की आवाज हिंदी कविता में सबसे जुदा है. वे कविताओं में… continue Reading..