हाथी-घोड़ा-पालकीMay 17, 20141 mins28लोकसभा चुनाव संपन्न हुए, हार-जीत तय हो गई. आज कई अखबारों में चुनाव परिणामों का विश्लेषण देखा-पढ़ा.… continue Reading..
‘गायब होता देश’ पर मैत्रेयी पुष्पा की टिप्पणीMay 13, 20141 mins19 अपने पहले उपन्यास ग्लोबल गांव के देवता के चर्चित और बहुप्रशंसित होने के बाद रणेन्द्र अपने… continue Reading..
वह आत्मविश्वास की मौत मरेगाMay 12, 20141 mins132आज हमारे लोकतंत्र के महासमर का आखिरी मतदान चल रहा है. आइये रवि भूषण पाठक की कुछ… continue Reading..
फिर तोड़ने की कोशिश हर ओर हो रही हैMay 11, 20141 mins51भरत तिवारी की जादुई तस्वीरों के हम सब प्रशंसक रहे हैं. उनकी गज़लों की रवानी से भी… continue Reading..
एरिश फ्रीड की कविताओं का मूल जर्मन से अनुवादMay 9, 20141 mins5एरिश फ्रीड (6 मई, 1921 – 22 नवंबर, 1988) ऑस्ट्रियाई मूल के कवि, लेखक, निबंधकार और अनुवादक… continue Reading..
संजीव क्षितिज की कविताएंMay 8, 20141 mins17संजीव क्षितिज दुर्लभ कवि हैं. बरसों बाद उनकी कुछ कविताएं ‘समास’ पत्रिका में पढ़ी तो आपस साझा… continue Reading..
मित्र लेखिका की मृत्यु पर शोकगीतMay 7, 20141 mins7लेखिका ज्योत्स्ना मिलन के लेखन, उनकी मानवीय ऊष्मा को बड़ी शिद्दत से याद कर रहे हैं प्रसिद्ध… continue Reading..
ज्योत्स्ना जी हम सब की उम्र का होकर जीना जानती थीMay 6, 20142 mins5 ज्योत्स्ना मिलन के जाने से जो शून्य साहित्यिक जगत में पैदा हुआ है उसे कुछ शब्दों… continue Reading..
इस तरह निकली घर से जैसे कभी लौटना न होMay 6, 20141 mins10ज्योत्स्ना मिलन जी का जाना साहित्य से उस मानवीयता का जाना है जो अब साहित्यिक परिसर में… continue Reading..
यह उपन्यास हर उस व्यक्ति के लिए है जिसने कभी प्यार की चाह की होMay 5, 20141 mins9अंग्रेजी लेखिका मीनाक्षी ठाकुर का उपन्यास ‘लवर्स लाइक यु एंड आई’ प्रेम पत्रों के संग्रह की तरह है जिसे आप पलटने… continue Reading..