लहर का पता नहीं. अगर थी तो सब उसमें नहीं बहेMay 4, 20141 mins6वरिष्ठ लेखकों-कवियों का धर्म केवल व्यास सम्मान, ज्ञानपीठ पुरस्कार हासिल करना भर नहीं होता है. उनका बड़ा… continue Reading..
मृत्यु की प्रतीक्षा में जीवनMay 3, 20141 mins13 अपने घर के आंगन में विनोद जमलोकी। आपके पीछे जो वनस्पतियां दिख रही हैं वहां भू-स्खलन… continue Reading..
मई दिवस पर एक जर्मन कहानी हिंदी अनुवाद मेंMay 1, 20141 mins11आज मई दिवस पर प्रस्तुत है कहानी ‘तृप्त मछुआरा’, जो जर्मन भाषा के नोबेल पुरस्कार विजेता लेखक हाइनरिश… continue Reading..
वाम के समक्ष साख का संकट है या फिर नेतृत्व का?April 30, 20141 mins4लेखक-पत्रकार अनंत विजय का यह पत्र कल ‘जनसत्ता’ में छपा था. सीपीएम के महासचिव प्रकाश करात के… continue Reading..
वी एस नायपाल के उपन्यास ‘गुरिल्लाज’ का पाठApril 29, 2014August 12, 20181 mins12हाल में वी.एस. नायपॉल के कई उपन्यासों के हिंदी अनुवाद पेंगुइन से छपकर आये, जिनमें उनका एक… continue Reading..
बदलते दौर की रूढ़ियों की पहचानApril 28, 20141 mins13हिंदी प्रकाशन जगत की समस्त घटनाएं दिल्ली में ही नहीं होती हैं. कुछ अच्छी पुस्तकें केंद्र से… continue Reading..
रुज़ेविच की कविताओं का मूल पोलिश भाषा से अनुवादApril 27, 2014August 6, 20251 mins144तादेऊष रुज़ेविच के निधन पर याद याद आया कि उनकी कविताओं का मूल पोलिश से अनुवाद अशोक…Blog prabhatcontinue Reading..
शैलेश मटियानी का पहला इंटरव्यूApril 26, 2014August 4, 20201 mins14हिंदी में बेहतरीन प्रतिभाओं की उपेक्षा कितनी होती है शैलेश मटियानी इसके उदहारण हैं. 24 अप्रैल को… continue Reading..
मैं तुम्हें छू लेना चाहता था, मार्केस!April 24, 20141 mins24युवा लेखक श्रीकांत दुबे पिछले दिनों मेक्सिको में थे. मार्केस के शहर मेक्सिको सिटी में. तब मार्केस… continue Reading..
सुनील ने संन्यासी सा जीवन जियाApril 23, 20141 mins7समाजवादी जन परिषद् के महामंत्री सुनील का महज 54 साल की आयु में निधन हो गया. जेएनयू… continue Reading..