गंगूबाई हंगल को सुनना आत्मा के बतियाने को सुनना हैMarch 20, 20141 mins11 अनिरुद्ध उमट समर्थ कवि, कथाकार के रूप में जाने जाते हैं. संगीत, कलाओं में गहरी रूचि… continue Reading..
भारतीय स्त्री-जीवन को आईना दिखाती फिल्में ‘हाईवे’ और ‘क्वीन’March 18, 20141 mins16युवा लेखिका सुदीप्ति कम लिखती हैं लेकिन खूब लिखती हैं. हम पाठकों को उनका ‘लंचबॉक्स’ फिल्म पर… continue Reading..
लाल दरअसल खून का नहीं हमारी आँखों में उतरे पानी का रंग हैMarch 15, 20141 mins12इन कविताओं पर परंपरा का बोझ नहीं है बल्कि बल्कि इन्हें पढना हिंदी में कविता की अछूती… continue Reading..
नुक्कड़ नाटकों की ‘अंतर्ध्वनि’March 13, 20141 mins3 दिल्ली विश्वविद्यालय में हुई नुक्कड़ नाटकों की प्रतियोगिता के बहाने नुक्कड़ नाटकों पर अच्छा लेख लिखा है… continue Reading..
राहुल बाबा से राहुल गांधी तकMarch 12, 20141 mins7हाल ही में पुस्तक आई है ‘डिकोडिंग राहुल गांधी’। आरती रामचंद्रन की इस पुस्तक के हिन्दी अनुवाद… continue Reading..
विवेक मिश्र की कहानी ‘चोर जेब’March 11, 20141 mins3विवेक मिश्र संवेदनशील लेखक हैं और अपने परिवेश पर बारीक नजर और गहरी पकड़ रखते हैं। उनकी… continue Reading..
किस्सा पन्ना बाई और जगत ‘भ्रमर’ का!March 9, 2014August 13, 20251 mins252‘पाखी’ में मेरी एक कहानी आई है। मुजफ्फरपुर के चतुर्भुज स्थान की गुमनाम गायिका पन्ना बाई से…Blog prabhatcontinue Reading..
कोई हो जा सकता है अंधा, लंगड़ा, बहरा, बेघर या पागल…March 8, 20141 mins11युवा कवि-लेखक हरेप्रकाश उपाध्याय को अपने उपन्यास ‘बखेड़ापुर’ के लिए भारतीय ज्ञानपीठ का लखटकिया नवलेखन पुरस्कार मिला… continue Reading..
आज किसने द्वार मेरा भूल से खटका दिया हैMarch 7, 20141 mins10वे यश के लिय नहीं लिखती हैं, न ही आलोचकों के सर्टिफिकेट के लिए, न किसी पुरस्कार… continue Reading..
कुछ चिनार के पत्ते, झेलम का पानी और मिट्टी…March 6, 20141 mins6हाल के वर्षों में जयश्री रॉय ने अपनी कहानियों के माध्यम से हिन्दी जगत में अपनी बेहतर… continue Reading..