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जानकी पुल – A Bridge of World Literature

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मामला जितना दिखता है उससे कहीं अधिक गहरा है

December 16, 20121 mins3
लेखिका अनीता भारती ने महुआ माजी और साहित्यिक चोरी विवाद के बहाने कुछ महत्वपूर्ण सवाल उठाये हैं-…
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    काम करता हूं कि कहना, नाम करता हूं कि कहना

    December 15, 20121 mins17
    कवयित्री वंदना शर्मा ने एक कवि सम्मलेन की स्मृति के सहारे भवानी प्रसाद मिश्र की कविताई को…
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      हर सम्मान से बड़ा एक नाम

      December 13, 20121 mins0
      महान सितारवादक रविशंकर को श्रद्धांजलि देते हुए यह लेख सितारवादक शुजात हुसैन खान ने लिखा है- जानकी…
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        हर सम्मान से बड़ा एक नाम

        December 13, 20121 mins448
        महान सितारवादक रविशंकर को श्रद्धांजलि देते हुए यह लेख सितारवादक शुजात हुसैन खान ने लिखा है- जानकी…
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        संजीव की कहानी ‘मानपत्र’

        December 13, 20122 mins16
        संजीव की इस कहानी के बारे में कहा जाता है कि यह रविशंकर के ऊपर लिखी गई…
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          महुआ मांझी के बहाने इंडिया टीवी के वंशज पर एक नज़र

          December 10, 20121 mins0
          विनीत कुमार युवा लेखक विनीत कुमार का यह लेख वर्चुअल स्पेस पर मौजूद हिंदी के उन लेखकों…
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            महुआ मांझी के बहाने इंडिया टीवी के वंशज पर एक नज़र

            December 10, 20121 mins6
            विनीत कुमार युवा लेखक विनीत कुमार का यह लेख वर्चुअल स्पेस पर मौजूद हिंदी के उन लेखकों…
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            इतने वर्षों तक ‘चुप’ रहने के लिए कोई अनुबंध हुआ था?

            December 9, 20121 mins11
            ‘पाखी’ में प्रकाशित वरिष्ठ लेखक श्रवण कुमार गोस्वामी के लेख की एक दिलचस्प रीडिंग की है युवा…
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              मौलिकता की बात लेखिकाओं के सन्दर्भ में ही क्यों उठाई जाती है?

              December 8, 20121 mins9
              पढ़ने में जरा देर हुई. कुछ तो इच्छा भी नहीं हो रही थी. लेकिन मित्रों के फोन…
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                वे मेरे भाई-दोस्त नहीं,सिर्फ रामभक्त थे

                December 6, 20121 mins11
                छह दिसंबर की तारीख एक ऐसे दुस्स्वप्न की तरह है जो हमारी स्मृतियों में टंगा रह गया…
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                  1. sheodayal on अर्पण कुमार की पाँच कविताएँ
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                  5. Devendra Mohan on अर्पण कुमार की पाँच कविताएँ
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