ऐसा नॉवेल, जिसे पढ़ने के लिए उर्दू सीखी जा सकती है

पिछले साल उर्दू में एक किताब छपी थी। नाम है- रोहज़िन, जो रहमान अब्बास का लेटेस्ट नॉवेल है। ग़ौर करने लायक बात ये है कि छपने से लेकर आज तक इस किताब ने उर्दू की गलियों में धूम मचा रखी है। किताब से गुज़रते हुए कई बातें ख़याल में आती हैं। ज़ेहन का दरीचा कई पहलुओं की सिम्त खुलता है। पहले दरीचे से एक लड़का दिखाई पड़ता है- असरार। दूसरे दरीचे से एक लड़की दिखाई पड़ती है- हिना। मुहब्बत के साए में जब असरार और हिना पनाह लेते हैं, तो पूरी काएनात एक तिलिस्म में तब्दील हो जाती है। जहाँ हज़ारों क़िस्म के रंग-बिरंगे फूल क़दमों से लिपट जाते हैं और घनघोर बारिश उनकी ख़ातिर छतरी बन जाती है। दोनों के दरमियान एक उन्स मुसलसल रवां रहता है, जिसके दो किनारे यक़ीन और पाकीज़गी हैं। जब असरार और हिना की साँसें आपस में उलझने लगती हैं, तो ज़िंदगी ख़ुद उन्हें सुलझाने के लिए एक तरतीब बनकर मौजूद रहती है।

लेकिन रोहज़िन, महज़ दो इश्क़ करने वालों की कहानी नहीं है, जिसमें एक लड़का रत्नागिरी के पहाड़ों से मुम्बई आता है। एक लड़की से मिलता है और एक रोज़ दोनों की मौत हो जाती है। दरअस्ल, रोहज़िन एक मल्टी डायमेंसनल नॉवेल है। जिसमें इंसानी वजूद, ज़िंदगी के सामने एक सवाल बनकर खड़ा है। जिसमें इश्क़ पाने की चाह और उसे खो देने का दुख भी शामिल है। जब असरार माज़ी की तरफ़ देखता है, तो दिल के एक कमरे में जमीला मिस नज़र आती है जिसने देह-दरिया में डुबकी लगाना सिखाया था। वो बाप याद आता है, जिसने समंदर की आगोश में आख़िरी साँस ली थी। वो माँ याद आती है, जिसके आसपास चाचा की आँखें रेंगती रहती हैं। जब हिना अपने मुस्तक़बिल के आईने में झाँकती है, तो उसे अपनी अम्मी की जगह एक बेबस औरत दिखाई देती है। उसे दिखाई देता है अपने अब्बा चेहरा, जो दिन-ब-दिन सुकून का दूसरा नाम बनता जा रहा है। उसे अपनी दोस्त की आँखों में एक कमसिन दिल नज़र आता है, जिसकी हर एक धड़कन पर आज़ादी का टैटू बना हुआ है।

हाई-प्रोफ़ाइल लोगों की सीक्रेट सोसायटी, सेक्स को लेकर आज़ाद ख़याल, छोटी बस्तियों की ज़िंदगी, मासूम आँखों की हसरतें, यतीम अरमानों के आँसू, मुम्बई की फ़ास्ट लाइफ़, हादसों की हक़ीक़त, मुस्लिम कल्चर की बारीकियाँ, रंडियों की सियाह दुनिया, मुम्बा देवी की उदासी… न जाने रोशनी की कितनी ही लकीरें हैं जो किरदारों के भीतर जज़्ब हो जाती हैं। जहाँ हर एक चीज़ पर कई म’आनी खुलते हैं। ये नॉवेल एक शदीद प्यास की दास्तान है, जिसे वक़्त परत-दर-परत उघाड़ने की कोशिश में मुब्तिला है। एक ऐसी प्यास जो कभी सितारों की दुनिया से आगे का सफ़र करती है तो कभी अपने भीतर की गहराई में उतर कर अपने ही ख़ून से वुज़ू करना चाहती है।

कहना ग़लत न होगा कि जब भी उर्दू अदब में नस्र और अफ़सानों का ज़िक्र होगा, रोहज़िन को ख़ास तौर पर अपने ‘रायटिंग स्टाइल’ के लिए याद किया जाएगा। क्योंकि हाल में जीता हुआ रायटर माज़ी के परिंदों को बुला कर बरसों बाद होने वाले हादसों का दाना खिलाने का जज़्बा रखता है। क्योंकि रायटर के लिए इमेजिनेशन कहानी कहने का टूल नहीं, बल्कि उस माहौल का एक ज़रूरी हिस्सा है जहाँ किरदार ख़ुद से बाहर निकल कर ज़िंदगी की पलकों पर किसी फूल की मानिंद बोसा रखने का हुनर जानता है। और ये हुनर उस किरदार को मिलता है अपने ख़ालिक़ से। यानी रहमान अब्बास से।

रहमान अब्बास इससे पहले तीन नॉवेल नख़लिस्तान की तलाश (2004), एक ममनुआं मोहब्बत की कहानी (2009) और ख़ुदा के साए में आँख मिचौली (2011) लिख कर काफी शोहरत बटोर चुके हैं। उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार से भी नवाज़ा जा चुका है। लेकिन यह पहला मौक़ा है जब उनकी किताब हिंदी सहित दूसरी ज़बानों में भी छपने वाली है। आख़िर में इतना ही कहूँगा- अगर आपको इंतज़ार की आदत नहीं, अगर आप वाकई अदबी रसिक हैं तो रोहज़िन की ख़ातिर आपको उर्दू सीख लेनी चाहिए, ताकि अस्ल ज़बान में नॉवेल का लुत्फ़ उठा सकें।

– त्रिपुरारि

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1 mins
WordPress Center Ankara Escort: Beypazarı Escort, Pursaklar Escort, Etimesgut Escort İstanbul Escort: Esenyurt Escort, Bahçelievler Escort, Maltepe Escort Bursa Escort: Gürsu Escort, Keles Escort, İznik Escort What are the best budget smartphones available in 2025? Reason Why Everyone Love Travel Doubts About Lifestyle You Should Clarify Quick View Of WooCommerce Products WPBakery Page Intro EMO Reactions Pro – WordPress Plugin Post List – Smart Post List Addon For Elementor Simp Modal Window – WordPress Plugin Advanced Google Maps WPBakery YouTube Channel with Carousel Addon Taqyeem – Predefined Criteria Addon TMusers – bbPress Forum Member Directory For Elementor Musik – WordPress Admin