श्रीधर करुणानिधि का हाल ही में तीसरा काव्य-संग्रह प्रकाशित हुआ है ‘दिन की परछाँई धुंधली है’। जानकीपुल पर इससे पहले…
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दूर देश के परिंदे: उजड़ने और बसने के बीच की करुणा का कथानक
अनामिका का उपन्यास ‘दूर देश के परिंदे’ जैसे आजादी के आसपास के भारत में चलने वाले विमर्शों की कथा है।…
आईनासाज़: संवादधर्मिता और सूफ़ीवाद का आख्यान
प्रसिद्ध लेखिका अनामिका के उपन्यास ‘आईनासाज़’ पर यह टिप्पणी लिखी है युवा लेखक महेश कुमार ने। अनामिका के उपन्यासों में…
गीतांजलि श्री के उपन्यास ‘सह-सा’ पर महेश कुमार
हिन्दी की महत्वपूर्ण लेखिका गीतांजलि श्री का नया उपन्यास आया है ‘सह-सा’। ध्यान रहे कि 2022 में इंटरनेशनल बुकर प्राइज़…



