स्त्री मुगल: कविता में दर्ज स्त्रियों की ऐतिहासिक व्यथा

वरिष्ठ कवि पवन करण के कविता संग्रह ‘स्त्री मुग़ल’ पर यह टिप्पणी लिखी है दूसरे वरिष्ठ कवि बोधिसत्व ने। ‘स्त्री…

बोधिसत्व के कविता संग्रह ‘अयोध्या में कालपुरुष’ की समीक्षा

बोधिसत्व के नवीनतम काव्य संग्रह ‘अयोध्या में कालपुरुष’ पर संजय जायसवाल की यह समीक्षा प्रस्तुत है – अनुरंजनी ============================================ लोकतांत्रिक…

वह तो सुगंध की तरह थी अनियंत्रित

अपने प्रिय कवि बोधिसत्त्व की एक नई लंबी कविता आपके लिए- जानकी पुल.  ————————————————————————- उसकी हँसी उस पर झुमका चुराने…

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Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी