बशीर बद्र: मेरी यादों, मेरी ज़बान और मेरी साँसों में!

आज बशीर बद्र जो, उनकी शायरी को याद कर रहे हैं सुहैब अहमद फ़ारूक़ी। पेशे से पुलिस अफ़सर हैं, मिज़ाज…

मजरूह सुल्तानपुरी: एक शायर, एक मुक़दमा

आज प्रसिद्ध शायर, गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी की जयंती है। इस अवसर पर पढ़िए शायर, पुलिस अधिकारी सुहैब अहमद फ़ारूक़ी का…

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Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी