मैं सोना चाहता हूँ थोड़ी देर सब भूलना चाहता हूँ

युवा कविता में तुषार धवल की आवाज बेहद अलग है और अकेली भी. कविता के शिल्प और भाषा को लेकर…

तुषार धवल की कविता ‘सुनती हो सनी लियॉन’

तुषार धवल की कई कविताओं में समकालीन समय का मुहावरा होता है. अपने दौर के कवियों में कविता के विषय,…

ईसा तुम्हारी संतानें वैसी ही हैं अभी भी

आज तुषार धवल की कविताएँ. तुषार की कविताओं में न विचारधारा का दबाव है, न ही विचार का आतंक. उनमें…

ये लोकतंत्र के महामठ की चंद सीढियां हैं

तुषार धवल की कविताओं में वह विराग है जो गहरे राग से पैदा होता है. लगाव का अ-लगाव है, सब…

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