क्या आलोचना अपने संतुलन का विवेक खो रही है?April 17, 20131 mins10युवा लेखक-आलोचक राकेश बिहारी ने हिंदी आलोचना की ‘आलोचना’ की है. आप उनसे सहमत हो सकते हैं… continue Reading..
आगबबूला और झागबबूलाApril 15, 20131 mins174विनोद खेतान की किताब ‘उम्र से लंबी सड़कों पर’ की समीक्षा कुछ दिनों पहले प्रियदर्शन ने लिखी… continue Reading..
नामवर सिंह की कविताएँApril 14, 20131 mins0हाल में ही राजकमल प्रकाशन से एक किताब आई है \’प्रारंभिक रचनाएं\’, जिसमें नामवर सिंह की कुछ… prabhatcontinue Reading..
नामवर सिंह की कविताएँApril 14, 20131 mins37हाल में ही राजकमल प्रकाशन से एक किताब आई है ‘प्रारंभिक रचनाएं’, जिसमें नामवर सिंह की कुछ…ब्लॉग continue Reading..
दिल ये कहता है कोई याद शहर बाक़ी हैApril 12, 20131 mins6युवा लेखक त्रिपुरारि कुमार शर्मा ने नीलेश मिश्रा के ‘याद शहर’ की एक अच्छी समीक्षा लिखी है.… continue Reading..
फणीश्वरनाथ रेणु का दुर्लभ रिपोर्ताज \’जय गंगा!\’April 11, 20131 mins0महान गद्यकार फणीश्वर नाथ रेणु जी का यह दुर्लभ रिपोर्ताज जय गंगा प्रस्तुत है- जो रेणु… prabhatcontinue Reading..
फणीश्वरनाथ रेणु का दुर्लभ रिपोर्ताज ‘जय गंगा!’April 11, 2013August 5, 20251 mins8महान गद्यकार फणीश्वर नाथ रेणु जी का यह दुर्लभ रिपोर्ताज जय गंगा प्रस्तुत है- जो रेणु…फीचर्ड prabhatcontinue Reading..
महादेवी वर्मा के शब्द और चित्रApril 10, 20131 mins6महादेवी वर्मा की काव्य-पुस्तक ‘दीपशिखा’ १९४२ में छपी थी. उसका ऐतिहासिक महत्व है क्योंकि इसकी कविताएँ महादेवी… continue Reading..
निलय उपाध्याय और मुंबई की लोकलApril 7, 20131 mins0निलय उपाध्याय ठेठ हिंदी के कवि हैं. उनकी कविताओं में वह जीवन्तता है जिससे पता चलता है… prabhatcontinue Reading..
निलय उपाध्याय और मुंबई की लोकलApril 7, 20131 mins12निलय उपाध्याय ठेठ हिंदी के कवि हैं. उनकी कविताओं में वह जीवन्तता है जिससे पता चलता है…ब्लॉग continue Reading..