यह उम्मीद है जो हमें बचाए रखती हैApril 4, 20131 mins0प्रियदर्शन मूलतः कवि हैं और हाल के दिनों में कविता में जितने प्रयोग उन्होंने किए हैं शायद… prabhatcontinue Reading..
यह उम्मीद है जो हमें बचाए रखती हैApril 4, 20131 mins12प्रियदर्शन मूलतः कवि हैं और हाल के दिनों में कविता में जितने प्रयोग उन्होंने किए हैं शायद…ब्लॉग continue Reading..
इस आयोजन में कई परंपराएं टूटी हैंApril 3, 20131 mins0हमारे प्रिय लेखक असगर वजाहत ने पटना लिटरेचर फेस्टिवल के बहाने साहित्य और सत्ता के संबंधों को… prabhatcontinue Reading..
इस आयोजन में कई परंपराएं टूटी हैंApril 3, 2013August 13, 20251 mins1016हमारे प्रिय लेखक असगर वजाहत ने पटना लिटरेचर फेस्टिवल के बहाने साहित्य और सत्ता के संबंधों को…ब्लॉग prabhatcontinue Reading..
जिसने औपनिवेशिक भाषा को औपनिवेशिक अहंकार से मुक्त करवायाApril 1, 20131 mins0महान लेखक चिनुआ अचीबे को श्रद्धांजलि देते हुए यह लेख मैंने यह लेख लिखा था, जो कल… prabhatcontinue Reading..
जिसने औपनिवेशिक भाषा को औपनिवेशिक अहंकार से मुक्त करवायाApril 1, 20131 mins7महान लेखक चिनुआ अचीबे को श्रद्धांजलि देते हुए यह लेख मैंने यह लेख लिखा था, जो कल…ब्लॉग continue Reading..