शैलजा पाठक की कविताएंJanuary 31, 2015July 29, 20201 mins12आज शैलजा पाठक की कविताएं. शैलजा पाठक की कविताओं में विस्थापन की अन्तर्निहित पीड़ा है. छूटे हुए… continue Reading..
भोजपुरी फिल्मों का सफरनामा एक किताब मेंJanuary 29, 20151 mins5भोजपुरी सिनेमा के ऊपर एक किताब आई है जिसके लेखक है रविराज पटेल. रविराज पटेल से एक… continue Reading..
लक्ष्मण बुनियादी तौर पर ‘कॉमन सेंस’ के कार्टूनिस्ट थेJanuary 28, 20151 mins8आर. के. लक्ष्मण को श्रद्धांजलि देते हुए मेरे प्रिय कार्टूनिस्ट राजेंद्र धोड़पकर ने उनकी कला का बहुत… continue Reading..
कामयाबी से गुमनामी तक का सफरनामाJanuary 26, 20151 mins6सत्तर के दशक के में हिंदी सिनेमा के पहले सुपर स्टार माने जाने वाले राजेश खन्ना का… continue Reading..
हर पिछला कदम अगले कदम से खौफ खाता हैJanuary 24, 20151 mins8‘लप्रेक’ को लेकर हिंदी में जिस तरह की प्रतिक्रियाएं देखने में आ रही हैं उससे मुझे सीतामढ़ी… continue Reading..
क्रांति और भ्रांति के बीच ‘लप्रेक’January 23, 20151 mins5लप्रेक के आने की सुगबुगाहट जब से शुरू हुई है हिंदी में परंपरा-परम्परा की फुसफुसाहट शुरू हो… continue Reading..
प्रेमचंद की परम्परा बचेगी या लप्रेक की परम्परा चलेगीJanuary 22, 20151 mins159‘लप्रेक’ एक नई कथा परम्परा की शुरुआत है. लेकिन हर नई शुरुआत को अपनी परम्परा के साथ… continue Reading..
यह हिंदी साहित्य का ‘लप्रेक’ युग है!January 21, 20151 mins123पहले सोचा था ‘लप्रेक’ पर नहीं लिखूंगा. कहीं रवीश जी नाराज न हो जाएँ, कहीं निरुपम जी… continue Reading..
बर्बाद जीनियस थे(हैं) ब्रजेश्वर मदानJanuary 20, 20151 mins12ब्रजेश्वर मदान को मैं तब से जानता था जब डीयू में पढ़ते हुए फ्रीलांसिंग शुरू की थी.… continue Reading..
अशोक वाजपेयी आज 74 साल के हो गएJanuary 16, 20151 mins5अगर हिंदी का कोई गणतंत्र है तो वे उसकी राजधानी हैं. वे हिंदी के विकेंद्रीकरण के सबसे… continue Reading..