अवधेश प्रीत और ‘चाँद के पार एक चाभी’October 31, 20151 mins5अवधेश प्रीत हमारे दौर के एक जरूरी लेखक हैं. पिछले दिनों उनकी एक कहानी ‘हंस’ में आई… continue Reading..
गोपालराम गहमरी के भारतेंदु हरिश्चन्द्रOctober 28, 2015August 27, 20181 mins7इस वर्ष एक बहुत अच्छी पुस्तक आई- ‘गोपालराम गहमरी के संस्मरण’. संपादन किया है संजय कृष्ण ने. इस… continue Reading..
नारंगी देश? या हरा देश? खूनी देश? या शांत?October 26, 20151 mins8कविता कई बार हमारी बेचैनियों को, हमारी चिंताओं को भी आवाज देती है. देश-समाज पर चिंता करने… continue Reading..
राजनीति की चालें और लेखक!October 24, 20151 mins4मुझे पुण्यप्रसून वाजपेयी की वह बात अक्सर याद आती है जो उन्होंने बहुत पहले मुझे साक्षात्कार देते… continue Reading..
या देवी सर्वभूतेषु भ्रान्तिरूपेण संस्थिता!October 20, 20151 mins4विजयादशमी के बहाने एक लेख लिखा है- प्रभात रंजन ===================================== ब्रिटिश लेखिका एलिस एल्बिनिया ने कुछ साल… continue Reading..
तुम्हारी लिखी हमारी प्रेम कविता डिलीट हो गईOctober 17, 20151 mins161 तकनीक, आभासी दुनिया ने हमारे संबंधों के संसार को बदल कर रख दिया है. प्रेम… continue Reading..
क्या साहित्य अकादेमी अध्यक्ष को शर्म आती है?October 16, 20151 mins6ऐसा लग रहा है लेखकों ने अपने सारे दाग धो दिए हैं, मैं हिंदी-लेखकों की बात कर… continue Reading..
रवीन्द्र जैन की ग़ज़लेंOctober 13, 20151 mins160जाने -माने गीतकार, संगीतकार रवीन्द्र जैन अच्छे कवि थे. हाल में ही उनका देहांत हुआ तो उनकी… continue Reading..
असगर वजाहत का कैम्पस कनेक्शन!October 12, 20151 mins2असगर वजाहत हमारे दौर के सबसे जीवंत किस्सागो हैं. उनके लिखे उपन्यास हों, कहानियां हों या गद्य… continue Reading..
अकादेमी अध्यक्ष की गुगली- सुधीश पचौरीOctober 11, 20151 mins14आज ‘दैनिक हिन्दुस्तान’ में सुधीश पचौरी जी का धारदार व्यंग्य. =========================================== मैं अकादमी के अध्यक्ष जी की… continue Reading..