धर्म जनता की अफीम है- कार्ल मार्क्सMay 6, 2017August 12, 20251 mins1अपने नॉर्वे प्रवासी डॉ प्रवीण झा का लेखन का रेंज इतना विस्तृत है कि कभी कभी आश्चर्य…Blog prabhatcontinue Reading..
अरुण चन्द्र रॉय की कुछ कविताएँMay 5, 20171 mins1आज अरुण चन्द्र रॉय की कविताएँ. अरुण चन्द्र रॉय अनुवादक हैं, प्रकाशक हैं लेकिन मूलतः कवि हृदय… continue Reading..
बंदे में दम था इतना तो उसके विरोधी भी मानते हैं!May 5, 20172 mins5आज अपने विद्वान साथी मनोज कुमार की फेसबुक वाल से पता चला कि कार्ल मार्क्स का जन्मदिन… continue Reading..
सीता होना इतना आसान भी नहीं होताMay 5, 20171 mins10कल जानकी जयंती मेरे शहर में दीवाली की तरह मनाई गई. पहले इतने आयोजन नहीं होते थे… continue Reading..
वक़्त तय करेगा कि बसने से पहले और कितनी बार उजड़ना है उसेMay 4, 20171 mins8आज पहली बार स्मिता सिन्हा की कविताएँ जानकी पुल पर. स्मिता जी की कविताएँ पत्र पत्रिकाओं में… continue Reading..
सीता सही मायने में धरती पुत्री थींMay 4, 20171 mins4सुबह मैंने सीता जयंती के मौके पर देवदत्त पट्टनायक की किताब ‘सीता के पांच निर्णय’ का एक… continue Reading..
सीता जयंती पर सीता को याद करते हुएMay 4, 20171 mins2आज सीता जयंती है. मेरे शहर सीतामढ़ी में सीता जयंती का आयोजन धूमधाम से किया जाता है.… continue Reading..
क्या बच्चों को अश्लील साइट्स देखने से रोक पाना संभव है?May 4, 20171 mins9आजकल बच्चे कम उम्र से ही स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने लगते हैं. लेकिन क्या हम ऑनलाइन अवांछित… continue Reading..
धड़का था दिल कि प्यार का मौसम गुज़र गयाMay 3, 20171 mins2नश्तर ख़ानक़ाही एक बेचैन रूह का नाम है। जिसने अपनी शायरी से न सिर्फ़ उर्दू अदब की… admin_46e92381continue Reading..
भारतीय सिनेमा के इतिहास को संघ लोकसेवा आयोग के सवाल की तरह याद नहीं किया जाना चाहिएMay 3, 20171 mins8आज के दिन पहली बार कोई भारतीय फिल्म आम जनता के लिए पहली बार प्रदर्शित हुई थी.… continue Reading..