पत्रकारिता और उपन्यास एक ही माँ की संतान हैं: मार्केज़May 31, 20181 mins5गाब्रिएल गार्सिया मार्केज़ की किताब ‘द स्टोरी ऑफ़ ए शिपरेक्ड सेलर’ एक ऐसी किताब है जो पत्रकारिता… continue Reading..
‘चाहे हमें कारतूस से मार दिया जाए लेकिन हम समाज की बुराई को लगातार उठाते रहेंगे’May 30, 20181 mins2सुरेश कुमार लखनऊ विश्वविद्यालय के शोधार्थी हैं. उन्होंने नवजागरणकालीन पत्रकारिता पर लिखते हुए इस लेख में यह… continue Reading..
असहमति हो या सहमति पर बोलें जरूर!May 29, 20181 mins5योगेश प्रताप शेखर बिहार के केन्द्रीय विश्वविद्यालय, गया में प्राध्यापक हैं. शिक्षा को लेकर बहुत अच्छे फेसबुक… continue Reading..
अंकिता जैन की कविताएँMay 28, 2018May 28, 20181 mins11अंकिता जैन को हम सब ‘ऐसी वैसी औरत’ की लेखिका के रूप में जानते हैं. वह एक… continue Reading..
फायरफॉक्स फोकस अब अंगिका में भी उपलब्धMay 26, 20181 mins4एंड्रायड के लिए फायरफॉक्स का एक विशेष ब्राउजर फोकस अब अंगिका भाषा में भी उपलब्ध है। मोजिला… continue Reading..
लेखकों को ‘चीयर अप’ करने के लिए पुस्तक विमोचन पार्टी में कोई हर्ज नहीं है!May 25, 2018August 12, 20251 mins6 पुस्तक विमोचन संस्कृति पर लेखक महेंद्र राजा जैन का यह लेख आज ‘दैनिक हिन्दुस्तान’ में प्रकाशित…Blog prabhatcontinue Reading..
शर्मिला जालान की कहानी ‘रंगरेज़’May 24, 20181 mins166शर्मिला जालान इस कोलाहल भरे समय में चुपचाप लेखन कर रही हैं. उनकी कहानियों में बांगला कथा… continue Reading..
कला में जिसे ‘न्यूड’ कहते हैं वह असल में ‘प्योर फीमेल फॉर्म’ हैMay 23, 2018May 23, 20181 mins5जम्मू के पहाड़ी क़स्बे पटनीटॉप के कला शिविर की यात्रा हम उपन्यासकार-कथाकार गीताश्री के लगभग काव्यात्मक रपटों… continue Reading..
बिकने वाला आर्ट अलग, इतिहास में जाने वाला आर्ट अलग!May 21, 20181 mins4गीताश्री के लेखन से मेरा परिचय उनकी रपटों को पढ़कर ही हुआ था. नवभारत टाइम्स से आउटलुक… continue Reading..
ब्रश पकड़ने वाली ऊँगलियाँ संसार बनाती हैं, वीरान नहीं करतींMay 21, 20181 mins5उपन्यासकार गीताश्री जम्मू के पहाड़ी क़स्बे पटनीटॉप में कला शिविर में हैं और वहां से अपने जीवंत… continue Reading..