रचना भोला यामिनी की स्मरण-कथाएं

सोशल मीडिया ने लेखन की नई नई विधाओं के लिए स्पेस बनाया है. बनी-बनाई विधाओं में तोड़-फोड़ करते हुए. उदाहरण के लिए रचना भोला यामिनी के इन छोटे छोटे गद्यांशों को ही ले लीजिये. चाहे तो इसे स्मरण-कथा नाम दे सकते हैं. बहरहाल, पढने में कितना अच्छा लगता है? पढ़कर बताइयेगा- मॉडरेटर 
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बेअक्ल लड़की

 लड़का गुनगुनाते हुएआया तो लड़की रसोई में पीठकिए खड़ी दिखी . उसने लड़की की गर्दन के पिछले हिस्से पर हौले से अपनी उँगलियाँ फिराईं और उसकी ऒर झुकालड़की के बदन की महक में कुछ देर पहले लगाए फेसपैक और फेसवॉश की महक इस तरह घुल गई थी जैसे लक्मे का  नया परफ्यूम लगाया हो. लड़का उसकी संदली गर्दन के स्पर्श के साथ मदहोश हो, कुछ कहने  ही वाला था कि लड़की अचानक मिली इस छुअन से चिहुँकी
अरे गए तुम.. हद है यार, तुम्हें सुबह से दूध लाने को बोल रखा है अभी तक नहीं लाएतुम्हारी रसोई का ये नल फिर से टपकने लगाअरे हाँ, गैस क़ी नॉब बदलवानी है और बाज़ार जाते हुए मेरे लैपटॉप बैग क़ी चेन भी ठीक करवा देना ….ये क्या तुम नहाए नहीं अभीसच्ची पूरे मलेच्छों  के ख़ानदान से हो. रसोई में खड़ेखड़ेथक गई मैँ तो.. अबलंच तुम बनाओगे. सुनो..बिजली का बिल गयाहै. इसबार दस हज़ार से ऊपर गया है. अच्छातुम येचेक शर्ट्स पहन कर मुझे ऑफिस से लेने मत आया करो. स्टाफतुम्हें देख दबी हँसी हँसता है. I feel insulted. यार ड्रेसिंग सेंस भी कोई चीज़ होती है. लड़कीने अपनी उधड़ी तुरपाई वाले गाउन से झाँकते बगल के बालों को dangerously ingnore करते हुए अपने सौंदर्य बोध क़ी दुहाई दी. लड़केक़ी उँगलियाँ जाने कब सहम कर उसकी पेंट क़ी जेब में वापिस जा चुकी थीं. ज़ेहनसे मखमली गर्दन का स्पर्श और कुछ देर पहले नासापुटों को आनंदित करती परफ्यूम क़ी महक जाने कहाँ उड़ गई थी. वहदबे पाँव चल दिया और लड़की ने विजयी मुद्रा में अपना काम जारी रखा. लड़के

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