हाल में ही वरिष्ठ लेखिका नासिरा शर्मा की किताब आई है ‘फ़िलिस्तीन एक नया कर्बला’। लोकभारती प्रकाशन से प्रकाशित इस…
Category: बातचीत
संजीव पालीवाल से प्रभात रंजन की बातचीत
आज प्रस्तुत है ‘मुंबई नाइट्स’ के लेखक संजीव पालीवाल से बातचीत। संजीव जी से बातचीत करने में बहुत आनंद इसलिए…
आलोचना की विश्वसनीयता हमारे समय की एक बड़ी चुनौती है
आज पढ़िए गरिमा श्रीवास्तव से संजय श्रीवास्तव की बातचीत। गरिमा श्रीवास्तव जानी-मानी आलोचक, लेखक और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में प्रोफ़ेसर…
ङगोग़ी वा दिओङओ से रीमो वेरडिक्ट और एमील रूतहूफ्ट की बातचीत
ङगोग़ी वा दिओङओ से रीमो वेरडिक्ट और एमील रूतहूफ्ट की बातचीत एल.ए.आर.बी [Los Angeles Review of Books] की वेबस…
दिव्या विजय से प्रचण्ड प्रवीर की बातचीत
जैसा कि आप सभी जानते हैं कि प्रथम जानकी पुल शशिभूषण द्विवेदी स्मृति सम्मान युवा लेखिका दिव्या विजय को…
प्रचण्ड प्रवीर से प्रभात रंजन की बातचीत
हिन्दी के सबसे प्रयोगशील लेखकों में प्रचण्ड प्रवीर का नाम प्रमुखता से आएगा। कभी भूतनाथ के नाम से लिखने वाले…
अनुकृति उपाध्याय से प्रभात रंजन की बातचीत
किसी के लिए भी अपनी लेखन-यात्रा को याद करना रोमांच से भरने वाला होता होगा । जब आप अपनी शुरुआती…
मेरी माँ बढ़िया जलेबी बनाती थी, मैं कहानियों की जलेबियाँ उतारती हूँ- अलका सरावगी
आज पढ़िए प्रसिद्ध लेखिका अलका सरावगी और कवि-कथाकार अर्पण कुमार की बातचीत- =============================================== अपनी दादी से गहरे जुड़ी अलका के…
मुझे लघु पत्रिकाएं और लेखक संगठन जरूरी लगते हैं- पल्लव
आज लघु पत्रिका दिवस है। लघु पत्रिका से ‘बनास जन’ की याद आती है। ‘बनास जन’ से पल्लव की याद…
हिन्दी होमियोपैथी की तरह गरीब और बेसहारा लोगों के लिये है!
हम अक्सर बड़े लेखकों से बातचीत करते हैं, पढ़ते हैं. लेकिन आज हम प्रस्तुत कर रहे हैं बातचीत एक युवा…



