गोरखाओं के इतिहास पर एक किताब आई है ‘आयो गोरखाली – अ हिस्ट्री ऑफ द गुरखा’स’, जिसके लेखक हैं टिम…
शैलेंद्र शर्मा की कहानी ‘तीन पगडंडियां’
शैलेन्द्र शर्मा पेशे से चिकित्सक हैं। 1980-90 के दशक में हिंदी की सभी पत्र-पत्रिकाओं में इनकी कहानियाँ प्रकाशित होती थीं,…
नहर वाले खेत की हरियाली: मिथिलेश कुमार राय
मिथिलेश कुमार राय युवा लेखकों में जाना पहचाना नाम है। इनका उपन्यास ‘कोयला ईंजन’ शीघ्र प्रकाशित होने वाला है उसी…
पटना ब्लूज’ में बिहार की वर्तमान राजनीति की पृष्ठभूमि है
अब्दुल्ला खान का उपन्यास ‘पटना ब्लूज’ मूल रूप से अंग्रेज़ी में प्रकाशित हुआ लेकिन इस उपन्यास को दो साल के…
अहमद नदीम क़ासमी : भारतीय उपमहाद्वीप का सरमाया
आज भारतीय उपमहाद्वीप के बड़े लेखक-शायर अहमद नदीम क़ासमी की जयंती है। जब छोटा था तो टीवी पर किसी मुशायरे…
राजीव कुमार की कहानी ‘वंचना’
राजीव कुमार समीक्षाएँ लिखते हैं, कविताएँ लिखते हैं। यह उनकी पहली कहानी है। एक अलग मिज़ाज, अलग तरह की भाषा…
इतिहास और कल्पना कोरस ‘राजनटनी’
गीताश्री के उपन्यास राजनटनी की विस्तृत समीक्षा लिखी है प्रखर युवा शोधार्थी सुरेश कुमार ने। यह उपन्यास हाल में ही…
‘देस’ की तलाश में मैथिली सिनेमा
मैथिली सिनेमा पर एक अच्छा लेख ‘प्रभात खबर’ के दीवाली विशेषांक में आया है। लिखा है लेखक-पत्रकार अरविंद दास ने।…
अनुकृति उपाध्याय की कहानी ‘बिल्लियाँ’
अनुकृति उपाध्याय अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में लिखती हैं और ख़ूब लिखती हैं। हिंदी वाले उनको अपने कथा संग्रह ‘जापानी सराय’…
खूबसूरत कहानियों का गुलदस्ता है रवि कथा!
ममता कालिया की किताब ‘रवि कथा’ पर यह विस्तृत टिप्पणी लिखी है चिकित्सक लेखिका निधि अग्रवाल ने। आप भी पढ़…



