हरिशंकर परसाई के निबंध ‘वैष्णव की फिसलन’ पर युवा लेखिका-प्राध्यापिका राजकुमारी का लेख- प्रस्तुत निबंध परसाई जी के मेरे रुचिकर…
प्राग कभी भी आपको दूर जाने नहीं देता
पूनम दुबे के यात्रा वृत्तांत हमलोग पढ़ते आए हैं। इस बार उन्होंने प्राग शहर पर लिखा है। काफ़्का के शहर…
‘स्टोरीटेल’ पर श्रीकांत वर्मा की कविताओं को सुनते हुए
स्टोरीटेल पर पिछले दो दिनों से श्रीकांत वर्मा की कविताएँ सुन रहा था। 2 घंटे आठ मिनट के इस ऑडियो…
पंखुरी सिन्हा की नई कविताएँ
पंखुरी सिन्हा एक अच्छी कथाकार रही हैं। हाल के दिनों में उन्होंने कविताएँ लिखी हैं। हर पत्र पत्रिका में उनकी…
‘विटामिन ज़िंदगी’ की समीक्षा यतीश कुमार द्वारा
ललित कुमार की पुस्तक ‘विटामिन ज़िंदगी’ की काव्यात्मक समीक्षा पढ़िए यतीश कुमार के शब्दों में- मॉडरेटर ===================== नहीं रहनेवाली ये…
फ़िराक़ गोरखपुरी पर मनीषा कुलश्रेष्ठ की टिप्पणी
फ़िराक़ गोरखपुरी के रुबाई संग्रह ‘रूप’ पर यह टिप्पणी जानी मानी लेखिका मनीषा कुलश्रेष्ठ ने लिखी है। इस लेख को…
‘सोचो अगर हम इंडिया न गए होते, तो इंडिया आज कहाँ होता?’
नॉर्वे प्रवासी डॉक्टर प्रवीण कुमार झा ने ‘कुली लाइंस’ किताब लिखकर इंडियन डायस्पोरा की दास्तान सुनाई। आज स्वाधीनता दिवस के…
‘जापानी सराय’ पर मनीषा कुलश्रेष्ठ की टिप्पणी
जब आपकी पहली किताब पर जाने माने लेखक-लेखिकाएँ लिखने लगें तो समझ लीजिए कि आपको बहुत गम्भीरता से लिया जा…
बाल की तलाश
‘प्रेम लहरी’ के लेखक त्रिलोक नाथ पाण्डेय वर्षों गुप्तचर अधिकारी के रूप में कश्मीर में रहे हैं. कोई आधी सदी…
राजेंद्र राव के कहानी संग्रह ‘कोयला भई न राख’ पर यतीश कुमार के नोट्स
वरिष्ठ कथाकार राजेंद्र राव के कहानी संग्रह ‘कोयला भई न राख’ पर कवि यतीश कुमार के कुछ नोट्स अपने आपमें…



